उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत एसटीएफ (एंटी नार्कोटिक्स) कुमाऊं यूनिट ने एक हफ्ते के भीतर दूसरी बड़ी सफलता हासिल की है।
एसटीएफ ने किच्छा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए थाना किच्छा क्षेत्र के आजाद नगर चौकी इलाके से अभियुक्त सहनवाज उर्फ मामू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 किलो 33 ग्राम हेरोइन बरामद की है।
बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3 करोड़ 10 लाख रुपये आंकी गई है। यह अब तक की कुमाऊं क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री नवनीत भुल्लर द्वारा प्रदेशभर में ड्रग्स के खिलाफ कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं आदेशों के क्रम में सीओ श्री परवेज अली के निर्देशन एवं प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ (एंटी नार्कोटिक्स) कुमाऊं यूनिट पावन स्वरूप के नेतृत्व में यह संयुक्त कार्रवाई अंजाम दी गई।
पूछताछ में अभियुक्त सहनवाज ने बताया कि उसने यह हेरोइन बरेली निवासी ‘भइया’ नामक व्यक्ति से खरीदी थी, जिसे वह हरजिंदर नामक व्यक्ति को बेचने के लिए ले जा रहा था। सहनवाज उर्फ मामू को कुमाऊं क्षेत्र में हेरोइन का बड़ा सप्लायर माना जाता है। बताया जा रहा है कि उसके द्वारा सप्लाई की जाने वाली हेरोइन की शुद्धता अधिक होती थी, जिस कारण कुमाऊं के ड्रग पैडलरों में इसकी काफी मांग थी।
एसटीएफ एंटी नार्कोटिक्स यूनिट पिछले करीब दो वर्षों से अभियुक्त की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। जांच में यह भी सामने आया है कि सहनवाज अक्सर बरेली से ‘भइया’ के माध्यम से हेरोइन मंगवाता था, जिसकी डिलीवरी के लिए एक अन्य युवक आता था। अभियुक्त ने सप्लायर और डिलीवरी एजेंट की पहचान उपलब्ध फोटो के आधार पर की है।
फिलहाल एसटीएफ द्वारा भइया और उसके डिलीवरी एजेंट की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सहनवाज की गिरफ्तारी नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान में एक बड़ी सफलता है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र में हेरोइन की सप्लाई पर प्रभावी अंकुश लगेगा।














