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पहली बार जाति आधारित गणना, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय (MHA) ने जनगणना 2027 का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी, जिसे पहले वर्ष 2021 में कराया जाना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार इसमें जाति आधारित गणना को भी शामिल किया गया है। इससे देश की जनसंख्या, सामाजिक और आर्थिक स्थिति की सटीक तस्वीर सामने आएगी, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। हाल ही में मंत्रालय ने मकान और घरेलू सुविधाओं से जुड़े सवालों की सूची भी जारी की है।

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना 2027

पहला चरण: हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO)

जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक कराया जाएगा। इस दौरान राज्य सरकारें अपनी सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि तय करेंगी।

पहले 15 दिन स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा

मकान और घरेलू सुविधाओं से जुड़ा विस्तृत डेटा जुटाया जाएगा

दूसरा चरण: जनसंख्या गणना (PE)

जनसंख्या गणना का दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा।

संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027

बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी

हाउस लिस्टिंग में पूछे जाएंगे 33 सवाल

मकान और सुविधाओं से जुड़ी पूरी जानकारी होगी दर्ज

पहले चरण में मकान और घरेलू सुविधाओं से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से ये शामिल होंगे—

भवन संख्या (नगरपालिका/स्थानीय निकाय/जनगणना संख्या)

जनगणना मकान संख्या

मकान के फर्श का प्रमुख निर्माण मैटेरियल

मकान की दीवार का प्रमुख निर्माण मैटेरियल

मकान की छत का प्रमुख निर्माण मैटेरियल

मकान का उपयोग (रहने/व्यवसाय आदि)

मकान की स्थिति

परिवारों की संख्या

सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की संख्या

परिवार के मुखिया का नाम

मुखिया का लिंग

क्या मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य वर्ग से है

स्वामित्व की स्थिति (खुद का/किराए का आदि)

उपयोग में आने वाले कमरों की संख्या

विवाहित जोड़ों की संख्या

पीने के पानी का मुख्य स्रोत

पीने के पानी की उपलब्धता

रोशनी का मुख्य स्रोत

शौचालय की उपलब्धता

शौचालय का प्रकार

गंदे पानी की निकासी व्यवस्था

स्नान सुविधा की उपलब्धता

रसोईघर और LPG/PNG कनेक्शन

खाना पकाने का मुख्य ईंधन

रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता

टेलीविजन की उपलब्धता

इंटरनेट सुविधा

लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता

टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन की उपलब्धता

साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपीड की उपलब्धता

कार/जीप/वैन की उपलब्धता

परिवार में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज

मोबाइल नंबर (केवल जनगणना से संबंधित संपर्क के लिए)

डिजिटल जनगणना और जाति गणना की शुरुआत

मोबाइल ऐप से जुटाया जाएगा डेटा

इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी।

करीब 34 लाख गणनाकर्मी और 1.3 लाख अधिकारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र करेंगे

नागरिकों को ऑनलाइन स्वयं जानकारी भरने का विकल्प भी मिलेगा

बाद में जानकारी का सत्यापन किया जाएगा

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जनसंख्या गणना चरण में पहली बार जाति आधारित आंकड़े जुटाए जाएंगे। इससे सरकारी योजनाओं, आरक्षण नीति और सामाजिक विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। डेटा सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

विकास की दिशा तय करेगी जनगणना 2027

जनगणना 2027 भारत के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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