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लखनऊ। Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board (UPPRPB) द्वारा आयोजित यूपी पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा के एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 14 मार्च को हुई परीक्षा में सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में दिए गए एक विकल्प पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया।

दरअसल परीक्षा में पूछा गया था— ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनिए। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे: पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी। इनमें ‘पंडित’ विकल्प शामिल होने पर परीक्षार्थियों ने कड़ा विरोध जताया।

परीक्षा समाप्त होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने एग्जाम सेंटर के बाहर ही इस सवाल के खिलाफ विरोध जताया। देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

इस मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र में दिए गए विकल्पों पर गंभीर आपत्ति है और इसकी जांच होनी चाहिए।

इस बीच भर्ती बोर्ड ने सफाई देते हुए बताया कि प्रश्नपत्र बोर्ड द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं किए जाते हैं। इन्हें पूरी गोपनीयता के साथ प्रतिष्ठित एजेंसियों और संस्थाओं से तैयार कराया जाता है, ताकि परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे।

बोर्ड के अनुसार, प्रश्नपत्रों के सीलबंद पैकेट परीक्षा केंद्रों पर ही अभ्यर्थियों के सामने पहली बार खोले जाते हैं। बोर्ड स्तर पर भी कोई अधिकारी या कर्मचारी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र नहीं देखता।

भर्ती बोर्ड ने कहा कि 14 मार्च की पहली पाली में पूछे गए विवादित प्रश्न की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इस भर्ती अभियान के जरिए सब इंस्पेक्टर सिविल पुलिस (महिला/पुरुष), प्लाटून कमांडर पीएसी, उप स्पेशल फोर्स और महिला बटालियन समेत कुल 4543 पदों पर भर्ती की जाएगी। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।

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