देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पशुपालन विभाग के एक कर्मचारी से ₹1.30 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी उसी गिरोह से जुड़ा है, जिसने पंजाब पुलिस के रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल से ₹8.10 करोड़ की ठगी की थी।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, पीड़ित कर्मचारी ने दिसंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी कि 6 अक्टूबर को एक लिंक के जरिए उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने के झांसे दिए जाते थे।
ठगों ने ‘डीबीएस ग्रुप’ के नाम पर डेली ट्रेडिंग प्लान शुरू करने का लालच दिया, जिसमें रोज 5 प्रतिशत मुनाफा मिलने का दावा किया गया। इसके बाद पीड़ित को ‘इंटरनल इक्विटी अकाउंट’ में रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक और लिंक भेजा गया, जिसे उसने अपनी पत्नी के नाम से रजिस्टर कर दिया।
आरोपियों ने 4 नवंबर से 18 दिसंबर के बीच पीड़ित से करीब ₹1.30 करोड़ विभिन्न खातों में जमा करा लिए। ठगों ने उसके खाते में ₹30 करोड़ की फर्जी राशि दिखाकर उसे और निवेश के लिए उकसाया। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की, तो उससे और पैसे जमा करने को कहा गया, जिससे ठगी का खुलासा हुआ।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम गाजियाबाद निवासी अरवाज सैफी के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने गाजियाबाद में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी फर्जी निवेश ग्रुप बनाकर लोगों को झांसा देता था। उसके खातों में मात्र दो महीनों में करीब ₹2 करोड़ का लेनदेन हुआ है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से जुड़े दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड समेत देश के 9 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

