अधौरा में एनएसएस विशेष शिविर का छठा दिवस: प्रो. ललित तिवारी ने विद्यार्थियों को सेवा और वैज्ञानिक सोच का संदेश दिया
नैनीताल। डी एस बी परिसर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम अधौरा में आयोजित विशेष शिविर के छठे दिवस पर पूर्व कार्यक्रम समन्वयक, विजिटिंग प्रोफेसर एवं वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी ने स्वयंसेवकों से संवाद कर उन्हें राष्ट्र सेवा, पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. तिवारी ने कहा कि राष्ट्र सेवा की भावना से ओतप्रोत स्वयंसेवक केवल देश ही नहीं बल्कि समस्त प्राणी मात्र के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि एनएसएस का उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता, अनुशासन और व्यापक सोच का विकास करना है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व निर्माण के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए “मैं नहीं, आप” की भावना को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच रखने, मस्तिष्क को सुदृढ़ बनाने और हर कार्य को समर्पण के साथ करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि हमारी लगन और दृष्टिकोण उसे महत्वपूर्ण बनाते हैं।
विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर प्रो. तिवारी ने वनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन हमें ऑक्सीजन, भोजन, ऊर्जा और पर्यावरण संतुलन प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएं” है, जो सतत विकास, हरित अर्थव्यवस्था और कार्बन संतुलन में वनों की भूमिका को रेखांकित करती है।
उन्होंने जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2030 तक 350 मिलियन हेक्टेयर अवक्रमित भूमि को पुनः वन क्षेत्र में लाने तथा वैश्विक स्तर पर वन क्षेत्र में 3 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है।
विशेष शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाते हुए लगभग 50 कट्टे कूड़ा एकत्र कर उसका निष्पादन किया। साथ ही वानिकी दिवस पर पद्म और बांज के पौधों का रोपण कर हरित पृथ्वी का संदेश दिया।
इस अवसर पर युवा विभाग के उपनिदेशक डोलवी तिवेतीया ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया।
कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी डॉ शशि पांडे, डॉ मनोज बाफिला, डॉ संदीप मंडोली, डॉ हिमानी जलाल तथा अन्य शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
शिविर के संचालन में भुवन भट्ट, कुंदन, नवीन सहित अनेक विद्यार्थियों ने सक्रिय सहयोग दिया।
शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है।
