अभी तक गोल्डन कार्ड भी नहीं बने हैं,परन्तु वसूली धड़ल्ले से हो रही है।
मुगलिया शासन की याद दिलाता सरकार का यह स्वास्थ्य प्राधिकरण।
रिपोर्टर – बलवंत सिंह रावत
अल्मोड़ा/भिकियासैण। उत्तराखंड गवर्मेंट पैंशनर्स संगठन की एक बैठक विकासखण्ड सभागार में हुई । बैठक में वक्ताओं ने पैंशन से कटौती बंद होने के बाद भी धनराशि वापस नहीं किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पैंशनर्स की सहमति लिए वगैरह उनके पैंशन से जबरन कटौती की गई। यह संविधान की धारा 300ए का स्पष्ट उल्लंघन है। कटौती बंद होने के बाद भी काटी गई धनराशि वापस नहीं की जा रही है।
संगठन के संयोजक पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक डी एस नेगी ने कहा अब हमें सरकार से कोई उम्मीद नहीं रह गई है हमें न्याय पाने के लिए न्यायालय की शरण में जाना होगा।
संगठन के अध्यक्ष तुला सिंह तड़ियाल ने कहा कि कुछ पैंशनर्स/ पारिवारिक पैंशनर्स को अभी तक पैंशन से हो रही कटौती का आभास ही नहीं है। उनमें से कुछ तो महानगरों में अपना इलाज करा रहे हैं, और कुछ इस संदर्भ में कुछ नहीं जानते हैं या वे लाइलाज बिमारी से ग्रसित हैं।
उनके अभी तक गोल्डन कार्ड भी नही बने हैं ऐसे लोगों को अंधकार में रखकर वसूली हो रही है, ऐसे हालात में उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिल सकेंगी ? उतराखण्ड सरकार पैंशनर्स की पैंशन से एक तरह से चौथ वसूल रही है।
इस वसूली के लिए सरकार ने उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण नाम का एक भारी भरकम एनजीओ बनाया हुआ है।
सरकार की यह नई स्वास्थ्य योजना पैंशनर्स के हित में कदापि नहीं हो सकती यह पैंशनर्स के साथ एक भद्दा मजाक है।
इस अवसर पर डी एस नेगी, के एन कबडवाल, प्रकाश उपाध्याय, मोहन सिंह बिष्ट, बाला दत्त उपाध्याय, बचे सिंह नेगी, भीम सिंह भण्डारी, प्रवीण कडाकोटी, डा0 बी डी सती, किसन सिंह मेहता, देबी दत्त लखचौरा, देब सिंह, प्रेम गिरि गोस्वामी, गंगा दत्त शर्मा, अम्बा दत्त बलौदी, प्रताप सिंह मनराल, आनन्द प्रकाश लखचौरा उपस्थित रहे।














