ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

भवाली/रामगढ़। कडकडाती ठंड तो है पिछले कई महिनों से बारिश न होने से थोडी़ बहुत बची खेती इस साल मौसम की बेरुखी से बंजर ही है ।गेहूं मसूर लाही नमी नहीं होने के जमा नहीं बहुत लोगों ने इसकी बुवाई ही नहीं की,फल पट्टी मैं आलू मटर की बुवाई भी नहीं हो पा रही है।

सूखे खेतों पर कैसे जुताई होगी, अगर कोई बहुत मेहनत के बाद कर भी ले तो जमेगा ही नहीं।

फल पट्टी मैं अभी नयी बागवानी मैं खुदाई खाद की जाती है। नये पेड़ पतझड़ प्रजापति के लगाने का समय है कई लाख पेड़ उद्यान बिभाग बांटेगा भौगोलिक स्थिति पहाड़ की ऐसी है ।बहुत जगह पेयजल तक नहीं तो नये पेड़ फसल लगेगी कैसे /लग भी गये तो बचैंगे कैसे ?

उत्तराखण्ड बनने के बाद से आज तक सरकरों ने मूलभूत सुविधाएं गांवों को नहीं दी। बस हवा-हवाई बातें होती रही जंगली जानवरों का नुकसान जिसका प्रमाण बंजर गांव दिनों दिन गाव छोडते लोग हैं। हम खुद बागवानी करते हैं ।

अगर बरफ नहीं /या अब पडे भी तो जल्द पिघल जाती है जिसका उतना लाभ नहीं जितना दिसम्बर मैं गिरने वाली का होता है।

अगर जाडे मैं बारिश /बरफ नहीं गिरी तो फिर मार्च के बाद ओलों का भय बन रहता है। किसान करे तो क्या करे। सरकार/प्रशासन को दूरगामी योजना बनानी चाहिये ।

किसान हरतोला रामगढ़ नैनीताल

यह भी पढ़ें :  एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के कड़े निर्देशों पर NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर नैनीताल पुलिस हाई अलर्ट; सुरक्षा के घेरे में 11 परीक्षा केन्द्र, होटल-ढाबों समेत जनपदभर में सघन चेकिंग और कड़ी निगरानी, अभिभावकों से विशेष अपील अफवाह फैलाने वालों की सूचना पुलिस को दें, सोशल मीडिया पर भी नैनीताल पुलिस की पैनी नजर
error: Content is protected !!