ब्रेकिंग न्यूज़
कप्तान मंजूनाथ का क्लियर मैसेज—जनपद में अपराध नहीं चलेगा, कुशल रणनीति से लालकुआं पुलिस को सफलता एक साथ 7 चोरियों का पर्दाफाश, 32 FIR वाला हिस्ट्रीशीटर और उसका 13 FIR वाला साथी राजू गिरफ्तार, 2 लाख से ज्यादा नगदी, मोबाइल व बाइक बरामदकेन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से ‘खेत बचाओ अभियान’ का किया आगाज, किसानों के लिए 369.66 करोड़ की योजनाओं की सौगातभीमताल के नेटवर्क विहीन गांवों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से की मुलाकातएसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में पुलिस का बड़ा खुलासा: 7 चोरी की वारदातों का पर्दाफाश, हिस्ट्रीशीटर ‘पिद्दा’ समेत दो गिरफ्तार, ₹2.28 लाख नकदी और चोरी की बाइक बरामदरामनगर पुलिस की बड़ी सफलता: लूटी गई स्कॉर्पियो बरामद, जिला बदर अभियुक्त गिरफ्तार
खबर शेयर करे -

मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर रही डॉ. आकृति श्रेया  ने  हॉस्टल के कमरे में  लगाई फांसी,पुलिस ने डॉक्टर का कमरा सील कर जांच शुरू की

श्रीनगर। मौजूद वीर चंद्र सिंह गढ़वाल राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर रही डॉ. आकृति श्रेया (27) ने रविवार रात अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आकृति झारखंड की रहने वाली थीं और पटना से एमबीबीएस करने के बाद श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विषय से पीजी कर रही थीं।

कॉलेज सूत्रों के अनुसार, रविवार रात करीब नौ से दस बजे के बीच उन्हें हॉस्टल के कॉरिडोर में टहलते देखा गया था. इसके बाद वह अपने कमरे में चली गईं और दरवाजा बंद कर लिया. सोमवार को कॉलेज में सेमिनार था, लेकिन आकृति मौजूद नहीं थीं।

जब परिजनों ने फोन किया और उन्होंने सहपाठियों से संपर्क किया तो किसी को शक हुआ. सूचना मिलने पर कॉलेज प्रशासन और विभागाध्यक्ष ने हॉस्टल स्टाफ को कमरे में भेजा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला।

मोबाइल की घंटी बजती रही, जिससे संदेह और गहरा गया. इसके बाद पुलिस को बुलाया गया. पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो आकृति का शव चादर से लटका मिला. कमरे से पेस्ट्री का टुकड़ा, दवाइयां और मोबाइल बरामद हुआ है. मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने जांच की।

इस घटना पर कोतवाली प्रभारी जयपाल सिंह नेगी ने बताया कि आकृति के कमरे को सील कर दिया गया है. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

मोबाइल डेटा की जांच और परिजनों से पूछताछ के बाद ही असली कारण सामने आ सकेगा. शुरुआती जांच में मानसिक तनाव और पढ़ाई का दबाव संभावित कारण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें :  ताड़ीखेत में लगा बहुउद्देशीय शिविर, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने सुनीं जनसमस्याएं

You missed

error: Content is protected !!