5 दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला के पहले दिन बच्चों ने सीखी कविता लेखन की बारीकियां
बच्चों ने खेल-खेल में की मस्ती, विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों को दिया गया बालसाहित्य
रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत
द्वाराहाट (अल्मोड़ा) । क्रिएटिव उत्तराखंड तथा विपिन त्रिपाठी विचार मंच द्वाराहाट द्वारा 30,31 अगस्त व 1 सितंबर को आयोजित द्वाराहाट किताब कौतिक के पहले चरण में नगर पंचायत द्वाराहाट में बाल लेखन कार्यशाला कार्यशाला शुरू हो गई है।
बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, क्रिएटिव उत्तराखंड तथा विपिन त्रिपाठी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में नगर पंचायत सभागार में 25 अगस्त से 29 अगस्त तक आयोजित बाल लेखन कार्यशाला के पहले दिन आज बच्चों को कविता लेखन की बारीकियां बताई गई। कार्यशाला की शुरूआत ‘ज्ञान का दिया जलाने’ समूह गीत से हुई।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि आइ टी विशेषज्ञ डॉ रामसिंह राणा ने कहा कि पुस्तकें हमारी दोस्त होती हैं। एक साहित्यकार, शिक्षक व अभिभावक बतौर हमें पुस्तकें खरीदने व उन्हें पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने बच्चों से कहा कि हमें पढ़ाई के साथ ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।
उन्होंने कहा विज्ञान हमारी तर्क वितर्क करने की क्षमता को बढ़ाता है। हमें क्या क्यों तथा कैसे जैसे सवाल करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए बालप्रहरी पत्रिका के संपादक तथा बाल लेखन कार्यशाला के मुख्य संयोजक उदय किरौला ने बताया कि बच्चों को अभिव्यक्ति का अवसर देने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए बालप्रहरी द्वारा स्थान स्थान पर बाल लेखन कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता रहा है।
उन्होंने बताया कि बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा अभी तक देश के 16 राज्यों में 5-5 दिवसीय 301 कार्यशालाओं का आयोजन जन सहयोग से आयोजित किया जा चुका है। इस बार द्वाराहाट की कार्यशाला 302 वी कार्यशाला होगी।
उनके अनुसार कोरोना काल से अब तक बालप्रहरी द्वारा 982 ऑनलाइन कार्यशालाओं का आयोजन जन सहयोग से किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 5 दिन की कार्यशाला में प्रत्येक बच्चे की लगभग 15 पेज की एक-एक हस्तलिखित पुस्तक तैयार की जाएगी ।
इन पुस्तकों की प्रदर्शनी 30,31 अगस्त तथा 1 सितंबर को शीतला पुष्कर मैदान द्वाराहाट में आयोजित द्वाराहाट किताब कौतिक में लगाई जाएगी।
क्रिएटिव उत्तराखंड से जुडे किताब कौतिक के मुख्य संयोजक हेम पंत ने कहा कि बच्चों को अभिव्यक्ति का अवसर दिए जाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में बच्चों को नुक्कड़ नाटक तथा समूह गीत सिखाए जाएंगे।
कार्यशाला में प्रत्येक दिन अध्यक्षता बच्चे करेंगे। बाल कवि सम्मेलन में बच्चे अपनी स्वरचित कविताएं पढ़ेंगे। बाल कवि सम्मेलन की अध्यक्षता व संचालन बच्चे करेंगे।
पहले दिन की कार्यशाला में हरि हृदयांश त्रिपाठी, हिमानी हरबोला, दार्शिक सिंह राणा, पीयूष कुमार, राहुल अधिकारी, मानवी रावत, ज्योति नेगी, नंदिता अधिकारी अध्यक्ष मंडल में चुने गए। आज संपन्न नाम लिखो प्रतियोगिता, शब्द लेखन प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में पीयूष कुमार, ईशा बिष्ट, योगिता बिष्ट, हर्ष तिवारी, वैष्णवी कांडपाल को पुरस्कार में वरिष्ठ साहित्यकार श्यामपलट पांडेय, विमला नागला, डॉ इंदु गुप्ता, डॉ आर पी सारस्वत, इंद्रदेव भारती,डॉ. अजीतसिंह राठौर,’पुष्पलना जोशी, ‘पुष्पांजलि’, नरेंद्र मस्ताना, डॉ. राकेश चक्र, डॉ. महावीर रवांल्टा, इंजीनियर आशा शर्मा, प्रेमसिंह राजावत एवं अन्य लेखकों की पुस्तकें उपहार में दी गई।
वरिष्ठ बालसाहित्यकार रमेश चंद्र पंत ने बच्चों को कविता लेखन की बारीकियां बताई। श्री पंत ने कहा कि कविता सीखने सिखाने की चीज नही है। कविता के भाव हमारे मन से निकलते हैं। उन्होंने कविता के तुक, लय, भाव व शीर्षक पर विस्तार से बात की। बच्चों ने दिए हुए शब्दों के आधार पर कविताएं तैयार की। आज बच्चों को तोता कहता है,जैसा मैं कहूं, नेताजी की खोज, बच्चे से बच्चा आदि खेल गतिविधियां कराई गई ।
बच्चों ने अपनी हस्तलिखित पुस्तक के लिए मेरा परिचय, मेरा गांव, द्वाराहाट का साल्दे कौतिक आदि विषयों पर रचनाएं तैयार की। बच्चों को दीवार पत्रिका की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में द्वाराहाट इंटर कालेज राजकीय बालिका इंटर कालेज , राजकीय इंटर कालेज, राजकीय जूनियर हाईस्कूल गवाड़, एम डी तिवारी इंटर कालेज, द्रोण पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर द्वाराहाट, कुमाऊं पब्लिक स्कूल मल्ली मिरई, डी पी एस, आदि स्कूलों के 88 बच्चों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला प्रातः 7.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी।
सर्वश्री ने रमेश पंत, के पी एस अधिकारी, अनिल चौधरी, उदय किरौला, हेम पंत, प्रकाश जोशी, त्रिलोक सिंह अधिकारी, गिरीश मठपाल आदि ने संदर्भदाता बतौर बच्चों की गतिविधियां कराई। इस अवसर पर प्रकाशचंद्र हरबोला, मोहन जोशी, गजेंद्र कार्की, मोहनसिंह रावत, एन एस नेगी, विकास कांडपाल, हेमा रावत आदि उपस्थित थे।
बच्चों के लिए लगाई गई पुस्तक प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पुस्तक प्रदर्शनी में श्याम पलट पांडेय, राकेश चक्र, पद्मा चौगांवकर, गोविंद सेन, डॉ दीपा कांडपाल, विमला जोशी ‘विभा’, नीलम राकेश, महावीर रवांल्टा, डॉ अजीतसिंह राठौर, कृष्ण चंद्र महादेविया, यशपाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, प्रेमसिंह राजावत, डॉ आर पी सारस्वत, डॉ इंदु गुप्ता आदि प्रसिद्ध साहित्यकारों की पुस्तकें लगाई गई हैं। बच्चों को पुरस्कार के तहत मन पसंद पुस्तक छांटने को कहा गया।














