ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

पत्नी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी और उधारी के दबाव के चलते दोस्त की हत्या 

नजीबाबाद।  21 दिसंबर को हाईवे किनारे मिले युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।

सुरेन्द्र की हत्या उसके दोस्त संदीप ने पत्नी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी और उधारी के दबाव के चलते की थी।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली है। शुक्रवार को पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि 21 दिसंबर की देर शाम हरिद्वार-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित निर्माणाधीन जलालाबाद बाईपास के पास ग्राम सुनारोंवाली की सीमा में हाईवे किनारे युवक का शव मिला था।

मृतक की पहचान देहरादून निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र स्व. मगन सिंह के रूप में हुई थी। मृतक के भाई सत्यपाल सिंह निवासी गांव हरचंदपुर थाना नांगल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या के खुलासे को एसपी अभिषेक झा ने तीन पुलिस टीम लगाई थी।

पुलिस को मौके से खून लगी सफेद जैकेट व उसकी जेब में रखा 21 दिसंबर का हरिद्वार से मंडावली तक का बस का टिकट बरामद हुआ था। विवेचना के दौरान संदीप निवासी नाला पानी रोड, डालनवाला देहरादून का नाम सामने आया था।

शुक्रवार को थाना नजीबाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ईंट बरामद की है।

पत्नी बदलने की बात करता था सुरेंद्र। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह देहरादून सचिवालय में आउटसोर्सिंग के जरिए सफाईकर्मी के रूप में काम करता है।

सुरेंद्र उसका पुराना दोस्त था, जिससे उसने करीब 70 से 80 हजार रुपये उधार ले रखे थे। सुरेंद्र लगातार पैसे वापस मांग रहा था। उसकी पत्नी के बारे में अश्लील टिप्पणियां करता था और उससे पत्नी बदलने की बात करता था।

जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। देशी शराब पिलाकर की सुरेन्द्र की हत्या आरोपी ने बताया कि 21 दिसंबर को नजीबाबाद जाने के लिए वह सुरेन्द्र से दस मिनट पहले ही मंडावली पहुंच गया था।

सुरेंद्र के बाइक से आने के बाद वह उसके साथ नजीबाबाद के लिए निकला। दोनों बाइक से निर्माणाधीन हाईवे के सुनसान हिस्से में रुके और शराब पी।

नशे की हालत का फायदा उठाकर उसने ईंट से सुरेंद्र के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को देखकर जैकेट छोड़कर भागा था।

आरोपी हत्या के बाद आरोपी अपनी खून से सनी जैकेट साफ करने की कोशिश कर रहा था, तभी टॉर्च की रोशनी में दो पुलिसकर्मियों को देखकर घबरा गया और जैकेट वहीं छोड़कर फरार हो गया।

बाद में जब वह अंधेरे में अपनी जैकेट तलाशने दोबारा घटनास्थल के आसपास पहुंचा, तो पुलिस ने उसे दबोच लिया।

यह भी पढ़ें :  कैंची धाम पहुंचे गायक कैलाश खेर, नीम करौली बाबा के दरबार में टेका माथा
error: Content is protected !!