हल्द्वानी। अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल द्वारा संपूर्ण भारत की पहली व्यापार चौपाल का सफल आयोजन रूद्राक्षी बैंक्विट हॉल हल्द्वानी में किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय सुनील सिंधी तथा विशिष्ट अतिथि सांसद माननीय अजय भट्ट , महापौर गजराज सिंह बिष्ट एवं अन्य कई गणमान्य पदाधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
इसके बावजूद कार्यक्रम उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ किया हुआ उत्तराखंड प्रभारी अतुल कुमार गुप्ता के द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया और कहा की हम सभी जानते हैं कि विदेशी प्रोडक्ट ने हमारे बाथरूम से लेकर किचन तक कब्जा किया हुआ है।
यह विदेशी कंपनियां हमें कोलगेट से लेकर नमक तक बेचती है। ऐसा नहीं है कि हम अपने देश में इन वस्तुओं का उत्पादन नहीं कर रहे हैं, पर आज पश्चिमी सभ्यता की वजह से, या यूं कहें ग्लोबलाइजेशन की वजह, भारत जैसे विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था, विदेशी उत्पादों में निर्भर हो चुकी है, जिससे हमारे घरेलू उद्योग और उत्पाद नष्ट होते चले जा रहे हैं।
देश अपनी ज़रूरतों की वस्तुएं स्वयं बनाए, उनका स्वयं इस्तेमाल करे और उत्पादन व आपूर्ति में आत्मनिर्भर बने। हम देश मे बनने वाले सामान का उपयोग करें और बाकी लोगों को भी जागरूक करें को वो भी देश में बना समान खरीदें एवम अपने रोजाना के कार्यों में प्रयुक्त करें।
ताकि हमारे देश का पैसा बाहर न जाकर देश आर्थिक बुलंदियों पर पहुंच जाए। देश और उसकी जनता की आर्थिक स्थिति और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने एक लाइन में अपनी पूरी बात की और वह लाइन थी कि ‘लोकल के लिए वोकल बनें’।
लोकल से ग्लोबल बनना है
-आज से हर भारतवासी को लोकल के लिए वोकल बनना है
-ना केवल लोकल प्रोडक्ट खरीदना है बल्कि उनका प्रचार करना है।
साथीयों अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल के विचारकों का कहना है..जब भी भारत में संकट आता है तब लोकल फोर वोकल, भारत के व्यापारी और भारतीय कंपनियां ही मदद के लिए आगे आती हैं।
स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से घरेलू उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलती है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। अगर सभी भारतीय लोकल वस्तुओं का इस्तेमाल करने लग जाएं तो जो विदेशी कंपनियां कमाई का एक हिस्सा ले जाती हैं वह हिस्सा अपने देश में रह जाएगा।
इससे आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलता है,रोजगार की ज्वलंत समस्या का समाधान भी होता है और आयात पर निर्भरता कम होने से, यह पहल भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है।
वोकल फॉर लोकल’ जैसी अवधारणा अमीर-गरीब की एक असीमित खाई को पाटने का काम भी करेगी। आम जन को महंगाई से निजात मिलेगी और कम समय में उचित कीमत पर सही मूल्य उनको मिल सकेगा।
वोकल फॉर लोकल आंदोलन व्यवसायों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ाने के लिये अनुसंधान तथा विकास में निवेश करने हेतु प्रोत्साहित करता है। यही नहीं लोकल फोर वोकल से हमारे गांवों के हस्तशिल्प और कृषि से लेकर छोटे पैमाने के विनिर्माण तक ग्रामीण उद्योगों को महत्त्वपूर्ण बढ़ावा मिलता है।
जिससे अपने ग्रामीण समुदायों के भीतर आय सृजन में वृद्धि हुई है। जिससे गरीब व मध्यम वर्ग तथा मजदूर वर्ग के लोगों को आगे बढ़ने में प्रोत्साहन मिलेगा यह अर्थव्यवस्था के लिए कारगर सिद्ध होगा।
ग्रामीण अंचलों क्षेत्रों में छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के उत्पादनों बिक्री में वृद्धि के परिणाम परिलक्षित होने से अपने गांवों में खुशहाली आएगी । वोकल फॉर लोकल” आंदोलन से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक समरसता और सामुदायिक जुड़ाव की भावना मज़बूत होगी आपसी सौहार्द बढ़ेगा।
अतः आप सभी से विनती है कि लोकल अपनाएं और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें।
आज का आयोजित व्यापार चौपाल का कार्यकाल अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में आयोजित हुआ है। हमारा व्यापार संगठन देश के समस्त व्यापार सहमतियों के लिए प्रतिभागियों के पालन को लागू करने और व्यापार से सम्बन्धित विवादों को हल करने के लिए स्वतंत्र विवाद समाधान का प्रबंधन करता है।
संगठन व्यापारिक भागीदारों के बीच भेदभाव को प्रतिबन्धित करता है। देश में व्यापार नीति समीक्षा तंत्र की देखरख एवं आवधिक समीक्षा भी करता है। अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल राष्ट्रवादी विचारधारा का संगठन है।
जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को लेकर जो व्यापारियों के सामान्य हितों को बढ़ावा देने के लिए एक विशिष्ट उद्देश्यों में काम करने वाले व्यापारी वर्गों के सदस्यों द्वारा स्थापित और वित्त पोषित है।
आज देश के 22 राज्यों में अपनी कार्यकारिणी का गठन कर विशाल नेटवर्क के साथ व्यापारिक हितार्थ समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ समस्त गतिविधियों का संचालन कर रहा है।अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल से जुड़ने के मुख्य फायदे व्यावसायिक विकास, बेहतर नेटवर्किंग के अवसर, उद्योग-विशिष्ट ज्ञान और शिक्षा, सामूहिक सौदेबाजी, और अपने हितों की वकालत करने का एक मंच प्रदान करना है।
यह सदस्यों को नए रुझानों, प्रौद्योगिकियों और सर्वोत्तम प्रथाओं से अपडेट रहने में मदद करता है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है। हमारा संगठन एकता और साझा उद्देश्य की भावना पैदा करते हैं, जिससे एक घनिष्ठ समुदाय बनता है जहाँ सदस्य अपने साथियों से जुड़ते हैं और एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।
साझा ज्ञान और अनुभव: सदस्य अपने अनुभव साझा कर सकते हैं, सलाह दे सकते हैं, और उद्योग के विकास पर चर्चा कर व्यापारी चौपाल का आयोजन कर सकते हैं, जिससे समग्र रूप से उद्योग को लाभ होता है। तो आईए व्यापारी चौपाल में उपस्थिति सभी सम्मानित व्यापारी बंधुओं से निवेदन है।
वो हमारे संगठन से जुड़े कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की पहल करें। माननीय मुख्य अतिथि सुनील सिंधी जी का स्वागत प्रदेश संगठन मंत्री के द्वारा किया गया
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सुनील सिंधी जी व्यापारी कल्याण बोर्ड भारत सरकार ने सभी व्यापारियों को “स्वदेशी अपनाने” की शपथ दिलाई। वहीं माननीय अजय भट्ट जी ने व्यापारियों के साथ जीएसटी सुधार एवं उससे जुड़े विषयों पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री जीवन सिंह कार्की जी ने की|
यह चौपाल व्यापारियों की एकता, संगठन और “हर घर स्वदेशी” के संकल्प का प्रतीक बनी।
कार्यक्रम में जीवन सिंह कार्य की राजेंद्र प्रसाद जायसवाल विजय बिष्ट मोहम्मद हसीन अंसारी रामबाबू जायसवाल नीरज प्रभात गर्ग अवध बिहारी शर्मा अजय डंगवाल गोपाल भट्ट गोपाल नेगी अनुज वर्मा पवन जोशी पवन दुबे आदि सदस्य उपस्थित थे।
