हल्द्वानी। 9 वी कक्षा के लापता छात्र भास्कर दुम्का का शव 52 दिन बाद शीतला मां मंदिर के पीछे करीब चार किमी दूर एक गधेरे में बरामद हुआ है।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद छात्र का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
भीमताल के धारी विकासखंड स्थित पोखरी पुटगांव निवासी सुभाष चंद्र दुम्का का 15 वर्षीय बेटा भास्कर जवाहर ज्योति दमुवादूंगा क्षेत्र के शिवपुरी कॉलोनी में अपने फूफा मोहन सनवाल के घर पर रहता था।
वह आवास विकास स्थित एक स्कूल में कक्षा नौवीं कक्षा का छात्र था। बीती 17 फरवरी की सुबह करीब 830 बजे से वह लापता था। वह घर से स्कूल के लिए निकला था।
जगह-जगह की सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर उसकी आखिरी लोकेशन रानीबाग स्थित शीतला मां मंदिर के पास मिली थी।
शव को गधेरे से निकालने के बाद शरीर पर मौजूद स्कूल यूनिफॉर्म से भास्कर की शिनाख्त हुई। शव के सिर का मांस पूरी तरह गल चुका था, केवल कंकाल बचा था। बाकी शरीर भी फूल चुका था। छात्र की मौत महज हादसा है या फिर हत्या, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
सोमवार की देर रात शव को मोर्चरी पहुंचाया गया। सूचना पर भास्कर के परिजन मंगलवार को मोर्चरी पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
काठगोदाम के थानाध्यक्ष विमल मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भास्कर की मौत हत्या या हादसा नौवीं के छात्र भास्कर की मौत ने पुलिस को हादसा और हत्या के दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है।
अभी तक पुलिस के सामने इस बात का जवाब नहीं है कि अकेला छात्र आखिर उस स्थान तक कैसे पहुंचा। आम लोग भी न के बराबर वहां पहुंचते हैं।
ऐसे में छात्र की मौत कई सवाल खड़े कर रही है। इधर, छात्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी कई राज से पर्दा उठा सकती है। घर से स्कूल यूनिफॉर्म में और बस्ता लेकर निकला 15 साल का एक छात्र दिन भर घर और स्कूल से गायब रहने के बाद लापता हो जाता है।
52वें दिन उसका शव एक गधेरे में मुख्य शहर से चार किमी दूर उस जंगल में मिलता है, जहां पहुंचने के लिए पक्की सड़क तो दूर कच्चा रास्ता भी ठीक हालत में नहीं है। फिर छात्र कैसे वहां तक पहुंचा, यह एक बड़ा सवाल है।
पुलिस के मुताबिक, फुटेज में छात्र आखिरी बार शीतला मां मंदिर की सीढ़ियों के पास देखा गया था।





