नैनीताल। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक अज्ञात अकाउंट द्वारा कुमाऊंनी समाज के विरुद्ध आपत्तिजनक और भ्रामक ऑडियो-वीडियो पोस्ट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
इस मामले को लेकर एडवोकेट मोहन काण्डपाल, एडवोकेट प्रकाश चंद्र जोशी और कमल कन्याल सहित अन्य जागरूक नागरिकों ने हल्द्वानी थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो में कुमाऊंनी संस्कृति, परंपरा, और पूर्वजों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की गई है, जिससे समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। वीडियो में कहा गया है:
“कुमाऊंनीयों की यहां जड़ें नहीं थीं… आज से पांच पीढ़ी, छह पीढ़ी की चर्चा नहीं कर सकेंगे… हम पर इतिहास है अपनी सात पीढ़ी का… 1824 से मेरा परिवार रहता है…”
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह बयान न केवल HATE SPEECH की श्रेणी में आता है बल्कि समाज में जातीय और सांस्कृतिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी करता है। साथ ही यह प्रयास किया गया है कि कुमाऊंनी समाज को झूठे और आधारहीन तथ्यों के माध्यम से अपमानित किया जाए।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस प्रकार की सामग्री से युवाओं को भड़काया जा सकता है, जिससे शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका है। साथ ही यह मांग की गई है कि:
वीडियो तैयार करने वाले व्यक्ति की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। वीडियो के सभी लिंक इंटरनेट से हटाए जाएं।
वीडियो को लाइक/शेयर/प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की भी जांच कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए प्रभावी निगरानी की जाए।
एडवोकेट मोहन काण्डपाल, प्रकाश चंद्र जोशी, और कमल कन्याल ने प्रशासन से अपील की है कि वह त्वरित और सख्त कदम उठाकर समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखे।














