कार्यक्रम का नाम- माघ उत्सव के उलपक्ष में स्वच्छता कार्यक्रम
आयोजक- नमामि गंगे इकाई राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर चमोली
चमोली। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर चमोली की नमामि गंगे इकाई द्वारा माघ उत्सव के अवसर पर स्वच्छता अभियान मनाया गया, जिसके अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण तथा गोपेश्वर नगर के आसपास की क्षेत्रों में महाविद्यालय के स्वयं सेवियों द्वारा सफाई अभियान चलाया गया।
सबसे पहले महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर एम०पी० नगवाल ने स्वयं सेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि माघ का महीना नवीन ऊर्जा, नवीन उल्लास तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का उदय माना जाता है, और आज के इस स्वच्छता अभियान द्वारा इस सकारात्मक ऊर्जा का संचार हम सभी को स्वयं में करना चाहिए।
इस अवसर पर नमामि गंगे इकाई के संयोजक डॉ० विधि ढौडियाल, ने भी छात्र-छात्राओं को माघ उत्सव को मनाए जाने की प्रासंगिकता समझाते हुए कहा कि यह महीना हमें शुद्धता, संयम और सदाचार का संदेश देता है।
माघ स्नान केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि स्वच्छता का भी प्रतीक है। माघ महीने में जहाँ हम नदियों को पवित्र मानते हैं, वहीं हमारा कर्तव्य है कि उन नदियों को गंदा न करें, प्लास्टिक और कचरा उनमें न डालें। माघ मास की पवित्रता और स्वच्छता कार्यक्रम का उद्देश्य एक ही है — शुद्ध जीवन और स्वस्थ समाज।यह हमें सांकेतिक रूप से स्वयं को ऊर्जावान बनाने के लिए प्रेरित करता है।
इस अवसर पर डॉ० ललित मोहन तिवारी, डॉ० चंदा, डॉ० कृतिका बोरा, डॉ० मनीष डँगवाल आदि उपस्थित रहे।














