उत्तराखंड में ऑनलाइन गेमिंग की लत का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। छठी कक्षा में पढ़ने वाला 14 वर्षीय छात्र गेमिंग की लत के चलते पढ़ाई से पूरी तरह दूर हो गया और वार्षिक परीक्षा के डर से घर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने उसे हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में छठी का एक छात्र आनलाइन गेमिंग का ऐसा लती बना कि उसका पढ़ाई से मोहभंग हो गया।
जानकारी के अनुसार 13 फरवरी को परिजनों ने कोतवाली में बेटे के लापता होने की सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रभारी निरीक्षक राकेश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। स्वजन व दोस्तों से पूछताछ और सर्विलांस सेल की मदद से छात्र की लोकेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के आसपास ट्रेस हुई। रविवार को पुलिस ने उसे बस स्टेशन के पास से बरामद कर लिया।
पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदी हो गया था। दिसंबर से वह स्कूल नहीं जा रहा था, हालांकि रोजाना ड्रेस पहनकर घर से निकलता और एकांत स्थान पर समय बिताता था। परीक्षा नजदीक आने पर फेल होने के डर से 12 फरवरी को वह हरिद्वार चला गया।
पुलिस अधीक्षक ने अभिभावकों से बच्चों के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में ऑनलाइन गेमिंग गंभीर लत का रूप ले रही है, ऐसे में बच्चों की मानसिक स्थिति को समझना और उनसे नियमित संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।
अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव:
बच्चों के स्क्रीन टाइम की स्पष्ट सीमा तय करें
आउटडोर व इनडोर खेलों के लिए प्रेरित करें
बच्चों के सामने मोबाइल उपयोग कम करें
व्यवहार में बदलाव, चिड़चिड़ापन या आक्रामकता पर ध्यान दें
कहानी-किस्सों और पारिवारिक संवाद से बच्चों को भावनात्मक रूप से जोड़ें
यह घटना उन अभिभावकों के लिए चेतावनी है जो बिना निगरानी बच्चों के हाथ में मोबाइल थमा देते हैं।














