वर्षाकाल में सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार सब्जियों के दामों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। कुछ दिन पूर्व तीस रुपये किलो बिकने वाला टमाटर 60 रुपये पहुंच गया है।
ऐसे में सबसे अधिक परेशानी गरीब परिवारों को हो रही है। सब्जी के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
हल्द्वानी शहर में अधिकांश सब्जी उत्तर प्रदेश सहित अन्य मैदानी क्षेत्रों से आती है। ऐसे में मैदानी क्षेत्रों में हो रही वर्षा ने शहर में सब्जियों के दाम बढ़ा दिए हैं।
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वर्षा के कारण खेतों में फसल खराब हो जाती है, जिससे थोक मंडियों में सब्जियों की कमी होने से दाम बढ़ जाते है।
बताया कि वर्षाकाल में अभी सब्जियों के दाम और अधिक बढ़ सकते हैं। दाम बढ़ने से उपभोक्ता कम ही मात्रा में सब्जी खरीद रहे हैं।
गृहणी शांति देवी, मुन्नी देवी ने बताया कि बाजार में प्रतिदिन सब्जी के बढ़े हुए दाम आ रहे हैं, जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। महंगाई पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार को योजना बनानी चाहिए। सब्जी हर परिवार की जरूरत होती है।
सब्जियों के भाव (रुपये प्रति किलो)
- सब्जी – एक सप्ताह पूर्व – नए भाव
- टमाटर -30 -60
- फूलगोभी – 60 – 80
- शिमलामिर्च -70 -100
- बींस -60 -80
- आलू -30 -40
- लौकी -20- 30
