प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से हरेला पर्व पर चकलुवा में हुआ मोरिंगा पौधों का वितरण
रिपोर्टर – नीरज तिवारी
कालाढूंगी (नैनीताल) । उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रेरणा और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के चकलुवा में बहुउपयोगी मोरिंगा (सहजन) के पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा नेता मनोज पाठक ने किया। इस दौरान क्षेत्रवासियों को पर्यावरण संरक्षण, पौष्टिक जीवनशैली और वृक्षारोपण के महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और पौधारोपण का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनोज पाठक ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी का व्यापक अभियान बन चुका है, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में हरित विकास को नई दिशा और गति मिली है।
उन्होंने कहा कि मोरिंगा (सहजन) अपने औषधीय, पौष्टिक और पर्यावरणीय गुणों के कारण अत्यंत उपयोगी वृक्ष है। इसके नियमित सेवन से पोषण स्तर में सुधार होता है, वहीं इसका रोपण पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि मोरिंगा का अधिकाधिक रोपण कुपोषण से मुक्ति, बेहतर स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है।
मनोज पाठक ने क्षेत्रवासियों से अपने घरों, खेतों, आंगनों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक मोरिंगा के पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का भी संकल्प लिया।


