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अस्सिटेंट लेबर कमिश्नर-( सेंट्रल) बरेली द्वारा बुलाई गई त्रिपक्षीय वार्ता आज विफल

अब 4 सितंबर 2024 को हड़ताल पर रहेंगे नैनीताल बैंक के कर्मचारी

बरेली। नैनीताल बैंक के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई महीनों से आंदोलनरत हैं तथा आज 27 अगस्त को ALC बरेली द्वारा बुलाई गई वार्ता विफल हो गई।

अब वार्ता विफल होने के 7 दिन बाद नैनीताल बैंक के कर्मचारी 4 सितंबर को हड़ताल पर रहेंगे।

नैनीताल बैंक जो कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा का अनुसांगिक बैंक है, जिसमें बैंक ऑफ़ बड़ौदा की 98.57% अंशधारिता है। अब बैंक ऑफ़ बड़ौदा अपनी अंशधारिता को बेचकर नैनीताल बैंक का परिचालन प्राइवेट हाथों में देने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।

जिससे बैंक के कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। नैनीताल बैंक अन्य पब्लिक सेक्टर बैंकों की भांति ही विगत 102 वर्षों से कार्य कर रहा है।

जिस कारण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पूर्व में कई बार बैंक ऑफ़ बड़ौदा को नैनीताल बैंक का अधिग्रहण कर अपने में विलय हेतु आदेशित कर चुका है तथा जून 2022 में एक बार फिर आरबीआई द्वारा वित्त मंत्रालय को पत्र लिख नैनीताल बैंक के बैंक ऑफ़ बड़ौदा या किसी अन्य पब्लिक सेक्टर बैंक में अविलंब विलय हेतु अपनी संस्तुति दी है।

नैनीताल बैंक के कर्मचारियों का आरोप है कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा नैनीताल बैंक के बैंकिंग लाइसेंस को वर्ष 2017 से प्राइवेट हाथों में बेचने की कोशिश कर रहा है।

जिसके फलस्वरूप नैनीताल बैंक के कर्मचारी इस मामले को लोकसभा की याचिका समिति तक लेकर गए। अंशधारिता कम करने के लिए जिस डिजिटल वेंचर को सुरु किया गया था।

उसमें बैंक के लगभग 10करोड़ रुपए खर्च हुए थे।16वीं लोकसभा की याचिका समिति की जांच में उक्त डिजिटल वेंचर में अनियमितताएं पाई गई, जिस कारण उसे बंद कर दिया गया ।

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