नैनीताल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों ने रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा असर
रिपोर्टर: गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों ने रेस्टोरेंट कारोबार पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध न होने के कारण जिले के कई रेस्टोरेंट संचालक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। खासकर मल्लीताल क्षेत्र में कुछ रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की कमी के कारण किचन संचालन मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर गैस चूल्हों की जगह लकड़ी और कोयले का सहारा लिया जा रहा है, जबकि कुछ रेस्टोरेंट संचालक इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करने को मजबूर हो गए हैं।
कारोबारियों के अनुसार, उनकी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार द्वारा गठित एक समिति के सदस्यों से भी बातचीत की गई है, लेकिन अब तक इस संकट का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। वहीं बाजार में गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी भी चिंता का विषय बनती जा रही है। बताया जा रहा है कि ब्लैक मार्केट में सिलेंडर इतने महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं कि छोटे कारोबारियों के लिए उन्हें खरीद पाना मुश्किल हो गया है।
स्थिति को देखते हुए कुछ रेस्टोरेंट संचालक अपने कारोबार की समय-सारिणी बदलने और दिन के समय प्रतिष्ठान बंद रखने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो कई रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है और जो खुले रहेंगे, वहां खाने-पीने की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
इस संकट का असर बजट होटलों पर भी पड़ने लगा है। कई छोटे होटल अपने ग्राहकों के लिए आसपास के ढाबों या रेस्टोरेंट से भोजन मंगवाते थे, लेकिन अब कई ढाबे और फूड आउटलेट बंद होने से उनके सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। ऐसे में होटल संचालकों को अपने मेहमानों से भोजन की व्यवस्था स्वयं करने के लिए कहना पड़ रहा है।
वहीं फूड वैन और रेहड़ी लगाकर भोजन बेचने वाले छोटे कारोबारियों को भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है।
गैस संकट को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने संबंधित अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखने और स्थिति को सामान्य बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक रूप से गैस का भंडारण न करने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन सीजन से ठीक पहले पैदा हुए इस संकट ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका सीधा असर नैनीताल के पर्यटन कारोबार पर भी पड़ सकता है।





