हल्द्वानी। साइबर ठगों ने एक बार फिर ‘जीवन प्रमाण पत्र’ ऑनलाइन अपडेट कराने के नाम पर बुजुर्ग को निशाना बनाया है।
महज एक सप्ताह के भीतर इस तरह की यह दूसरी घटना सामने आई है, जिसमें साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग के बैंक खाते से तीन लाख रुपये से अधिक की रकम उड़ा ली।
पुलिस के अनुसार, वार्ड-57 फ्रेंड्स कॉलोनी, तल्ली हल्द्वानी निवासी पीड़ित बुजुर्ग को 29 नवंबर को एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक से जुड़ा कर्मचारी बताया और कहा कि जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है। इसके लिए भेजे गए एक एप को डाउनलोड कर कुछ जानकारियां साझा करनी होंगी।
एप डाउनलोड कराते ही खाते से उड़े रुपये
ठगों के झांसे में आकर बुजुर्ग ने बताए गए मोबाइल नंबर पर निर्देशों का पालन किया। कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से आरटीजीएस के माध्यम से 3,05,000 रुपये निकाल लिए गए।
ई-बैंकिंग से दूसरे खाते में ट्रांसफर
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई। पीड़ित के अनुसार, खाते से निकाली गई रकम ई-बैंकिंग के जरिये ‘सायन विश्वास’ नामक लाभार्थी के खाते में भेजी गई।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
हल्द्वानी कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही, बुजुर्ग के पैसे वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बुजुर्ग बन रहे आसान निशाना
पुलिस का कहना है कि साइबर ठग अब पहले से ज्यादा शातिर और प्रशिक्षित हो चुके हैं। वे सरकारी भाषा और प्रक्रियाओं का हवाला देकर खासतौर पर बुजुर्गों को भ्रमित कर रहे हैं।





