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नैनीताल। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) द्वारा गैस एजेंसियों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और डिलीवरी वाहनों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

अभियान के तहत अब तक 60 गैस एजेंसियों, 78 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और 73 गैस डिलीवरी वाहनों की जांच की जा चुकी है। बुधवार को भी कार्रवाई जारी रही, जिसमें 15 गैस एजेंसियों, 13 प्रतिष्ठानों और 18 डिलीवरी वाहनों का निरीक्षण किया गया।

प्रशासन की सख्ती का असर यह रहा कि अब तक एलपीजी कालाबाजारी से जुड़े 4 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। साथ ही 12 घरेलू, 28 व्यवसायिक और 22 छोटे गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि एक पिकअप वाहन भी सीज किया गया है।

जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखते हुए 31 मार्च को 8391 घरेलू और 487 व्यवसायिक सिलेंडर प्राप्त हुए, जिनमें से 7648 घरेलू और 587 व्यवसायिक उपभोक्ताओं को वितरण किया गया। वर्तमान में जिले में 6729 घरेलू और 1980 व्यवसायिक सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है।

गैस आपूर्ति में शिकायतों को लेकर प्रशासन को टोल फ्री नंबर 1077 सहित विभिन्न माध्यमों से 53 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित समाधान संबंधित एजेंसियों के माध्यम से किया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गैस की कालाबाजारी और घरेलू सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि गैस कालाबाजारी या अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

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