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रिपोर्टर – शंकर फुलारा
अल्मोड़ा/ भिकियासैंण।  उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद अब निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण चल रहा है लेकिन ग्राम पंचायतों के लिए सदस्य (वार्ड मैम्बर) न चुने जाने के कारण अधिकांस ग्राम प्रधान बिना शपथ लिए केवल नाम के प्रधान रह गए हैं।
वहीँ विगत दिवस क्षेत्र पंचायत प्रमुख के शपथ ग्रहण समारोह के लिए समर्थकों के बड़े जुलुस के साथ नव निर्वाचित प्रमुख सतीश नैनवाल भिकियासैंण बाजार से होते हुए विकासखंड सभागार पहुंचे और शपथ ग्रहण की इस अवसर पर उनके बड़े भाई डॉ प्रमोद नैनवाल विधायक रानीखेत उनके साथ रहे |
उधर निर्वाचित ग्राम प्रधानों को अपने अपने गाँवों में ग्राम पंचयत सदस्य (पंच या वार्ड मैम्बर) बनने हेतु लोग नहीं मिल रहे।

एक तो पलायन के कारण गाँवों में संख्या ही कम है दूसरे सरकार के कुछ नियम ऐसे हैं कि उन के कारण भी इस योग्य लोग नहीं मिल रहे जैसे कमसेकम दसवी पास होना चाहिए या तीन बच्चों वाले चुनाव नहीं लड़ सकते या सदस्य नहीं बन सकते।

बेशक ये नियम शिक्षित होने के लिए या जनसँख्या नियंत्रण के लिए प्रेरित करने वाले हैं लेकिन पलायन से बेहाल पहाड़ के लिए उलटे पड़ रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विजयी नवनिर्वाचित प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों को बुधवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।

ब्लॉक सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 27 प्रधानों और 151 सदस्यों को शपथ दिलाई गयी जबकि विकासखंड में 99 प्रधान हैं और 695 सदस्य हैं लेकिन अधिकांश प्रधान और वार्ड सदस्य शपथग्रहण कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे।

कारण चुने ही नहीं गए हालाँकि लोग तैयार हों तो अधिकांस निर्विरोध ही चुने जायेंगे लेकिन कोई बनने को तैयार तो हो।
शपथ ग्रहण के बाद गुरुवार को 27 प्रधान ही अपनी ग्राम पंचायतों में बैठक कर पाएंगे, अधिकारीयों को समझ नहीं आ रहा कि बाकी ग्राम पंचायतों में सरकार की नीतियों और योजनाओं को कैसे क्रियान्वित करेंगे।

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