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भवाली-नैनीताल में डेमोग्राफिक चेंज पर मचा सियासी-सामाजिक बवाल, पुलिस ने शुरू किया सत्यापन अभियान

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल और भवाली क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंज) को लेकर एक बार फिर पुलिस और प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है।

भवाली में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सत्यापन अभियान और बाहरी लोगों के सत्यापन को लेकर बहस तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार भवाली के श्यामखेत, टमट्यूड़ा और रेहड़ मोहल्ला क्षेत्रों में बीते एक दशक में आबादी के स्वरूप में तेजी से बदलाव हुआ है। श्यामखेत क्षेत्र में बाहरी लोगों की संख्या बढ़ने से क्षेत्र को आम बोलचाल में “सलीमखेत” तक कहा जाने लगा है। भवाली पालिका के रिकॉर्ड में श्यामखेत की आबादी लगभग डेढ़ हजार बताई गई है, जबकि स्थानीय निवासियों का दावा है कि यहां कई फ्लैटों में बाहरी लोग किराये पर रह रहे हैं।

पूर्व में वर्ष 2021 में भवाली और आसपास के इलाकों में आबादी में अचानक वृद्धि को लेकर राज्य सरकार ने भी संज्ञान लिया था। जिलास्तरीय कमेटी गठित कर पुलिस की ओर से व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया था। उस दौरान बिना वैध दस्तावेज के रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और कई लोग अपने मूल स्थानों की ओर लौटे थे।

सूत्रों के अनुसार पर्यटन और निर्माण से जुड़े कार्यों में बाहरी राज्यों से आए लोगों की संख्या बढ़ी है। नैनीताल क्षेत्र में टूरिस्ट गाइडिंग, टैक्सी संचालन, घोड़ा संचालन और होटल-रेस्टोरेंट को लीज पर लेने जैसे कार्यों में बाहरी कामगारों की भागीदारी देखी जा रही है। भवाली और श्यामखेत में रातोंरात हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर भी स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है।

भवाली में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद शुक्रवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भवाली कोतवाली पहुंचकर पीड़िता को सुरक्षा दिलाने और क्षेत्र में सघन सत्यापन अभियान चलाने की मांग की। मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

अब फिर चलेगा सत्यापन अभियान

एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस सत्यापन अभियान फिर से शुरू किया जा रहा है। इसके लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई हैं। पूर्व में भी सत्यापन के दौरान बिना दस्तावेज रहने वालों पर चालान और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सत्यापन और निगरानी को और सख्त किया जाएगा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कानून के दायरे में निष्पक्ष रूप से की जा रही है और पीड़िता को हरसंभव सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

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