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बदायूं।  दो बच्चों की निर्मम हत्या के मामले में मुठभेड़ में मारे गये मुख्‍य आरोपी साजिद के भाई एवं सह आरोपी जावेद ने बरेली में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

जावेद की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई-वीडियो से बातचीत में पीड़ित बच्‍चों के पिता विनोद कुमार ने सरकार से अपने परिवार की सुरक्षा की अपील के साथ ही आरोपी को फांसी देने और उसका घर गिराने की भी मांग की।

विनोद कुमार ने कहा ”इसे फांसी दें या मुठभेड़ में मार दें। इसने हमारा घर उजाड़ा है तो इसका भी वही हाल होना चाहिए।” कुमार ने कहा ”(जावेद की) गिरफ्तारी हुई है, अच्छी बात है। प्रशासन सुरक्षा में लगा है। उससे पूरी पूछताछ की जाए, घटना की पूरी कहानी सुनी जाए कि इसमें और कौन-कौन शामिल था।”

उन्होंने कहा ”हमारे घर में कोई बाहरी व्यक्ति आता नहीं था। पूछताछ में ही पता चलेगा कि घटना में कौन कौन शामिल था और इसे क्यों अंजाम दिया गया।”

जावेद का कहना है कि वह घटना के समय घर पर नहीं था। इस बारे में पूछे जाने पर विनोद ने कहा ”हमारे बच्चे उसे जानते थे, उसे भैया कहते थे। उससे बाल कटवाते थे। छोटा बच्चा भी जानता है कि कौन जावेद है, कौन साजिद है। जावेद अपने बचाव के लिए झूठ बोल रहा है।”

विनोद कुमार ने दावा किया ”यह भी दोषी है। इसने अपने भाई का पूरा साथ दिया है। इसकी दुकान पर गुंडे भी आते थे। इनसे पूछना चाहिए कि क्या इन लोगों को पैसा दिया गया या किसी रंजिश के चलते इन लोगों ने यह किया। ये ऐसे नहीं हैं जिन पर रहम किया जाए।”

उधर, बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बदायूं दोहरे हत्याकांड के दूसरे आरोपी जावेद ने पुलिस कार्यवाही के दबाव में जनपद बरेली के बारादरी थाने की सैटेलाइट चौकी में आत्मसमर्पण किया। उनके अनुसार, आरोपी ने अपना एक वीडियो भी सार्वजनिक किया है।

प्रियदर्शी ने बताया कि जनपद की पुलिस उसे बदायूं लाकर घटना के बारे में पूछताछ कर रही है।

उन्होंने बताया कि दोहरे हत्याकांड के दूसरे आरोपी जावेद पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था और उसने बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र की सैटेलाइट चौकी में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

बरेली से मिली खबर के अनुसार, बच्चों की हत्या में शामिल रहे और मुठभेड़ में मारे गए साजिद के भाई जावेद को बुधवार देर रात सेटेलाईट बस स्टैंड पर स्थानीय लोगों ने पकड़ कर थाना बारादरी पुलिस को पुलिस को सौंप दिया।

बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) घुले सुशील चंद्रभान ने पीटीआई-भाषा को बताया कि कुछ लोगों ने जावेद को बुधवार देर रात थाना बारादरी पुलिस के हवाले किया और बारादरी पुलिस ने विधिक औपचारिकताओं के बाद जावेद को बृहस्पतिवार पूर्वाह्न में बदायूं पुलिस को सौंप दिया है।

जावेद का एक वीडियो सार्वजनिक हुआ जिसमें वह हत्याकांड में शामिल होने से इनकार कर रहा है। जावेद का कहना है कि वह बरेली में अपने को पुलिस को सौंपने ही आया था। जब उसे यह पता चला कि वह भी आरोपी है तो घटना के बाद मोबाइल बंद कर दिल्ली भाग गया था।

पुलिस के अनुसार, नाई की दुकान चलाने वाले साजिद ने मंगलवार की शाम एक घर में घुसकर तीन नाबालिग भाइयों- आयुष (12), अहान उर्फ हनी (8) और युवराज (10) पर चाकू से हमला कर दिया। आयुष और अहान की मौत हो गई, जबकि युवराज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतकों के पिता विनोद कुमार की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, ”आरोपी साजिद अपने भाई जावेद के साथ मंगलवार को शाम करीब सात बजे हमारे घर पहुंचा। साजिद ने मेरी पत्नी संगीता से अपनी पत्नी के प्रसव के लिए पांच हजार रुपये मांगे। जब मेरी पत्नी पैसे लेने अंदर गई तो साजिद घर की छत पर चला गया। जावेद भी छत पर पहुंच गया जिसके बाद दोनों ने मेरे बेटों को भी छत पर बुलाया।”

उन्होंने प्राथमिकी में कहा ” दोनों ने तेज धार वाले चाकू से मेरे बेटों पर हमला कर दिया।” पुलिस महानिरीक्षक (बरेली रेंज) डॉक्टर राकेश सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि हत्या के कुछ घंटों बाद ही आरोपी साजिद (22) को मुठभेड़ में मार गिराया गया।

बदायूं जिला प्रशासन ने साजिद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की मजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश दिए हैं। बदायूं के जिलाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि “मौजूदा प्रावधानों के अनुसार साजिद की मुठभेड़ में मौत मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है। मुठभेड़ की रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत की जानी है।”

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