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पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरु ने शोकाकुल परिवार से की मुलाकात, कहा—हादसे की जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

भीमताल/ओखलकांडा। ओखलकांडा क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चालक की मौत के बाद मामले को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु मंगलवार को मृतक के शोकाकुल परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए हादसे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।

मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने हरीश पनेरु के समक्ष हादसे की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल रखे। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग की स्थिति बेहद खराब और कच्ची थी, वहां वाहन को ले जाने की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ी? ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि कृषि विभाग का सामान प्रधान के घर तक उतारने के लिए वाहन को ऐसे असुरक्षित मार्ग पर ले जाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया।

कच्ची सड़क पर वाहन ले जाने के फैसले पर सवाल

परिजनों एवं ग्रामीणों के मुताबिक हादसे वाली सड़क अभी ऐसी स्थिति में नहीं थी कि वहां सुरक्षित रूप से वाहनों का आवागमन किया जा सके। ऐसे में वाहन को उस मार्ग पर ले जाने का निर्णय क्यों लिया गया, इसकी जांच होना आवश्यक है।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सड़क विधायक निधि से बनाई गई थी और अभी कच्ची अवस्था में थी, तो उस पर भारी अथवा सामान्य वाहन के आवागमन की अनुमति या दबाव किस स्तर से आया? ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता या उचित एलाइनमेंट का ध्यान नहीं रखा गया, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग

हरीश पनेरु ने कहा कि हादसे को केवल एक दुर्घटना मानकर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।

उन्होंने मांग की कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, एलाइनमेंट, तकनीकी मानकों, सुरक्षा व्यवस्था तथा वाहन को उक्त मार्ग पर ले जाने के निर्णय समेत सभी पहलुओं की जांच की जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी, विभागीय कर्मचारी, ठेकेदार या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

मृतक परिवार को ₹25 लाख मुआवजा देने की मांग

पूर्व दर्जा राज्यमंत्री ने सरकार से मृतक परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कम से कम ₹25 लाख का तत्काल मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपने सदस्य को खोया है और ऐसी स्थिति में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल मुआवजा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में पहाड़ के किसी अन्य परिवार को खराब और असुरक्षित सड़कों के कारण ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

“कब तक खराब सड़कों की कीमत जान देकर चुकाएगी पहाड़ की जनता?”

हरीश पनेरु ने कहा—

“आखिर कब तक पहाड़ की जनता खराब और असुरक्षित सड़कों की कीमत अपनी जान देकर चुकाती रहेगी? इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”

उन्होंने कहा कि यह समय केवल शोक और संवेदना व्यक्त करने का नहीं, बल्कि पूरे मामले में जवाबदेही तय करने का है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारणों को सामने लाया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

हरीश पनेरु ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण और आवागमन से जुड़े मामलों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खराब, अधूरी अथवा असुरक्षित सड़कों पर वाहनों के संचालन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था और निगरानी जरूरी है।

उन्होंने सरकार से क्षेत्र की अन्य खराब एवं जोखिमपूर्ण सड़कों का भी निरीक्षण कराने और आवश्यक सुधार कार्य तत्काल कराने की मांग की, ताकि भविष्य में सड़क हादसों को रोका जा सके और किसी अन्य परिवार को अपूरणीय क्षति न उठानी पड़े।

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