नैनीताल। एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और शत-प्रतिशत होम/स्पॉट डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के अनुपालन में सभी उपजिलाधिकारियों, गैस एजेंसी अधिकारियों तथा पूर्ति विभाग की संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) का गठन किया गया है।
क्यूआरटी टीम द्वारा जिले की गैस एजेंसियों का लगातार निरीक्षण कर गैस की मांग, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। अब तक 71 गैस एजेंसियों, 90 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 85 डिलीवरी वाहनों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। गुरुवार को भी 11 एजेंसियों, 12 प्रतिष्ठानों और 12 वाहनों की जांच की गई।
जिला प्रशासन को टोल फ्री नंबर 1077 सहित अन्य हेल्पलाइन और व्हाट्सएप माध्यम से गुरुवार को 49 शिकायतें गैस आपूर्ति न होने के संबंध में प्राप्त हुईं। इन शिकायतों को तत्काल संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाकर समाधान कराया गया।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को जिले में 6662 घरेलू और 1326 व्यावसायिक सिलेंडर प्राप्त हुए, जिनमें से 6365 घरेलू और 841 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की गई। वर्तमान में 7041 घरेलू और 2462 व्यावसायिक सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं।
पिछले 24 घंटे में 44 उपभोक्ताओं ने बुकिंग और भुगतान के बावजूद गैस न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इसके समाधान के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, इंडेन गैस के सेल्स अधिकारी और एजेंसी प्रबंधकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा कुमाऊँ मंडल विकास निगम के सहयोग से हल्द्वानी स्थित सरस मार्केट में वितरण की निगरानी के लिए अधिकारी तैनात किए गए हैं, जहां से बुकिंग और भुगतान के आधार पर प्राथमिकता तय कर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
इंडेन गैस सर्विस ने 3 अप्रैल 2026 से “फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट” नीति लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत बुकिंग तिथि के अनुसार चरणबद्ध तरीके से गैस वितरण किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि गैस कालाबाजारी, डायवर्जन या रिफिलिंग से जुड़ी किसी भी शिकायत को हेल्पलाइन या व्हाट्सएप के माध्यम से तुरंत सूचित करें। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

