दो शिक्षिकाओं के आपसी विवाद की वजह से शिक्षा का मंदिर बना अराजकता का अड्डा
मामले में एडी माध्यमिक कुमाऊं ने कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी
हल्द्वानी। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में दो शिक्षिकाओं के बीच का विवाद अब शिक्षक नेताओं के लिए सिरदर्द बन गया है। सोशल मीडिया साइट्स में दोनों के बीच का विवाद की वीडियो इस कदर वायरल हो रही कि गुरुवार को राजकीय शिक्षक संघ के प्रांत, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। त i
जीजीआईसी हल्द्वानी की प्रधानाचार्या और एक शिक्षका के बीच किसी बात को लेकर कुछ दिन पूर्व काफी कहासुनी हो गई। फोन से वीडियो बनाने पर दोनों में छीनाझपटी शुरू हो गई। स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड यह वीडियो के साथ एक अन्य वीडियो सोशल मीडिया में किसी ने वायरल कर दिया।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ये विवाद शिक्षक नेताओं तक पहुंच गया। गुरुवार को शिक्षक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल स्कूल पहुंचा। यहां शिक्षिका और प्रधानाचार्या को बुलाकर उनका पक्ष सुना गया।
शिक्षिका ने प्रधानाचार्या पर स्पष्टीकरण को लेकर मानसिक उत्पीड़न करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं, प्रधानाचार्या ने सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। यहां राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संयुक्त मंत्री जगदीश बिष्ट, मंडलीय अध्यक्ष डॉ. गोकुल सिंह मर्तोलिया, मंत्री ममता जोशी, कमला गुरुरानी, नमिता पाठक आदि पहुंचे।
एक शिक्षा अधिकारी ने मेरा मानसिक उत्पीड़न किया। बदले की भावना से एक शिक्षिका को प्रधानाचार्या बनाकर कई बार बिना वजह मेरा स्पष्टीकरण तलब किया गया।
मामले में निष्पक्ष जांच कर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। मामले की जानकारी मिलते ही मैंने मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल को बुलाकर एक जांच समिति गठित की है।
सीईओ समेत बीईओ हल्द्वानी और जीजीआईसी रामनगर की प्रधानाचार्य को शामिल किया है। एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।





