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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र में आयोजित 30 जुलाई 2025 से 1 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय कार्यशाला के प्रथम दिवस में छात्र-छात्राओं को चॉकलेट बनाने की विधि बताई गई।

केंद्र की प्राध्यापक डॉक्टर किरन तिवारी ने चॉकलेट बनाने की विधि के बारे में विस्तार से बताया ।

चॉकलेट में इस्तेमाल होने वाले चीजों के बारे में बताया और बताया कि चॉकलेट बनाने में लगभग एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है उसके बाद इसकी मार्केटिंग करके बाजार में बेच सकते हैं।

इस कार्यशाला में नैनीताल के अधिकांश विद्यालयों और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं महिला समूह ने प्रतिभाग किया।

सभी प्रतिभागियों में काफी उत्साह दिखाl कार्यशाला में बताया कि चॉकलेट को गिफ्ट के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है।

केंद्र की निदेशक ने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है और उन्हें आत्मनिर्भर की दिशा में सशक्त बनाना है।

माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र में MA की कक्षाएं भी संचालित हो रही हैं जिसमें डिग्री प्रदान करने के साथ -साथ विद्यार्थियों को ऐसा हुनर भी सिखाया जाएगा जिससे विद्यार्थी जब MA की डिग्री लेकर बाहर जाएं तो उनके पास स्वयं का रोजगार चलाने की दक्षता भी हो।

इसलिए विद्यार्थियों को विमन स्टडीज में स्नातकोत्तर में प्रवेश लेना चाहिए जो अभी 31 जुलाई तक हो रहा है l कार्यशाला में आए सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षक शिक्षिकाओ ने माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र के इस कार्यक्रम की भरपूर सराहना की और केंद्र निदेशक को इस तरह के कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामना दी।

आज के कार्यक्रम के पश्चात प्रोफेसर नीता बोरा शर्मा और डॉक्टर किरन तिवारी ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर BSSV स्कूल के प्रधानाचार्य  विशन सिंह मेहता, डॉक्टर नीलम,  गीतिका नेगी, मोहनलाल शाह बालविद्या मंदिर की शिक्षिका  परमिला बिष्ट, निशांत स्कूल की प्रधानाचार्य  तारा बोरा,  दीपा पनेरू,  विमला जोशी,  कनिका मेहरा, प्रकृति समूह, लक्षिता, माहीका,सत्येंद्र ,अविनाश ,राकेश, सचिन एवं DSB परिसर के विद्यार्थी एवं शोधार्थी शामिल रहे।

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