हल्द्वानी काठगोदाम श्रोत एवं ट्रीटमैण्ट संवर्धन कार्य पेयजल योजना
हल्द्वानी-काठगोदाम नगरीय क्षेत्र में नियमित रूप से पेयजल की समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा दिनांक 04 अगस्त 2023 को पेयजल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों के साथ शीशमहल फिल्टर प्लांट एवं अन्य स्थलों का निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के समय हल्द्वानी नगर में पेयजल समस्याओं के सम्बन्ध में निम्न तीन मुख्य कारण प्रकाश में आये :-
1. नलकूपों पर अत्यधिक निर्भरता एवं ग्रीष्म ऋतु में विशेषकर नलकूप खराब होने से पेयजल सप्लाई बाधित होना।
2. वर्षा ऋतु में सिल्ट के कारण फिल्टर प्लांट लम्बे समय के लिये बंद रहने से पेयजल सप्लाई बाधित होना।
3. शहर की मुख्य/वितरण पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज होने से पेयजल सप्लाई बाधित होना।
समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त हल्द्वानी नगर की पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण हेतु जिलाधिकारी, नैनीताल के द्वारा पेयजल निगम, हल्द्वानी को तत्काल डी०पी०आर० तैयार किये जाने हेतु निर्देशित किया गया, जिसमें सतही जल की मात्रा को बढ़ाने एवं ट्यूबवैल पर निर्भरता को कम कर बढ़ी क्षमता के नयी फिल्टर प्लांट बनाने, शीतलाहाट एवं शीशमहल के पुरानी तकनीक पर बने फिल्टर प्लांटों को नयी तकनीक पर पुर्ननिर्माण एवं शहर की पुरानी एवं जर्जर मुख्य पाइप लाइनों को बदलने का कार्य लिया जाये।
इसके उपरान्त पेयजल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा हल्द्वानी नगर की पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण हेतु संयुक्त रूप से सर्वेक्षण / बैठक की गयी।
दिनांक 30 नवम्बर 2023 को मा0 मुख्यमंत्री के हल्द्वानी दौरे में ईजा बैणी महोत्सव के दौरान उनके द्वारा हल्द्वानी नगर की पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण हेतु घोषणा की गयी। पेयजल निगम, हल्द्वानी के द्वारा योजना की डी०पी०आर० तैयार कर दिनांक 11 जनवरी 2024 को पेयजल निगम मुख्यालय / उत्तराखण्ड शासन को प्रेषित कर दी गयी।
दिनांक 25 जनवरी 2024 को सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग उत्तराखण्ड शासन के नैनीताल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा हेतु आहूत बैठक में जिलाधिकारी, नैनीताल के द्वारा योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण कर योजना की महत्ता/आवश्यकता से अवगत कराया गया।
तदोपरान्त सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में दिनांक 20 फरवरी 2024 को सम्पन्न विभागीय समिति की बैठक में उक्त पेयजल योजना का अनुमोदन किया गया।
आज दिनांक 05 मार्च 2024 को भारत सरकार के द्वारा विशेष योजनागत सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत योजना की अनुमानित लागत रू0 154.43 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुये रू0 10.00 करोड़ की धनराशि उत्तराखण्ड शासन को अवमुक्त की गयी।














