उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। मौसम विभाग केंद्र देहरादून ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए अगले 48 घंटों को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश, भारी बर्फबारी, गर्जना, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
वहीं टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां गर्जना, बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है। मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी येलो अलर्ट लागू किया गया है।
20 मार्च को भी राहत नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक 20 मार्च को भी स्थिति में खास सुधार नहीं होगा। कई जिलों में भारी बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट बरकरार रहेगा।
21 मार्च को आंशिक राहत के संकेत
21 मार्च को मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गर्जना और आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा।
तापमान में गिरावट के आसार
पिछले 24 घंटों में मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य या अधिक रहा, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक से दो दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सी. एस. तोमर ने बताया कि इस बदलाव की मुख्य वजह नॉर्थ वेस्ट जोन में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में उत्तरकाशी में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि 19 और 20 मार्च को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। 21 मार्च के बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी, हालांकि उत्तरी जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
