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नैनीताल में चैत्र नवरात्रि पर मां नैना देवी मंदिर में भक्तों की लगी भीड़, हजारों की संख्या में भक्तजनों ने मां के दर्शन किए

रिपोर्टर गुड्डू सिह ठठोला

नैनीताल। माँ नैना देवी मन्दिर में चैत्र नवरात्रि पर हजारों की संख्या में भक्त जनों की भीड़ देखने को मिली। चैत्र नवरात्रि पर मां नैना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने माँ नैना देवी के दर्शन किए।

नवरात्रि के पहले दिन नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर में भक्तों की अभूतपूर्व भीड़ लगी । चैत्र नवरात्रि दिन मां नयना देवी मंदिर में श्रद्धालू पूजा-अर्चना के लिये पहुंचे। सवेरे से भक्तजनों का मंदिर में आना प्रारंभ हो गया था।

मंदिर में अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन को भी तैनात किया गया था श्रद्धालुओं ने कहा की चैत्र नवरात्रि के पहले दिन माता रानी के दर्शन करके बहुत ही अच्छा लगा
माता रानी अपने भक्तों पर कृपा रखती है। और यहां आकर बहुत शांति और सुकून मिला। मान्यता है कि देवी सती की आंख यहां गिरी थी और इसी के बाद यहां मां नयना देवी की स्थापना हुई। देवी पारवती का पार्थिव शरीर खंडित होने के बाद उनकी बांयी आँख यहाँ गिरी थी।

पुराणों में लिखा है कि देवी पारवती के पिता दक्ष-प्रजापति द्वारा जब विशाल यज्ञ में भगवान् शिव को आमंत्रण नहीं दिया गया तो इस कदम से खिन्न होकर देवी पारवती यज्ञ के हवन कुण्ड में कूदकर सती हो गई, जिससे दुखी भगवान् शिव ने देवी पारवती का पार्थिव शरीर लेकर ब्रह्माण्ड के चक्कर लगाने शुरू कर दिए।

सृष्टि का सन्तुलन बिगड़ने से तीनों लोकों में हाहाकार मच गया, तब सृष्टि के संरक्षक भगवान् विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शव के खंड खंड कर दिऐ।

जिससे पारवती की बांयी आँख देश के इसी हिस्से में गिरी और इस देवी का नाम नयना देवी रखा गया।
मां दुर्गा अपनी आंखों से हर इंसान के दुख दर्द देख लेती हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। नवरात्री में लगातार नौ दिनों तक मां नयना देवी में भव्य पूजा अर्चना जारी रहेगी।

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