उत्तराखंड कैबिनेट के लिए बड़े फैसले, उपनल कर्मियों को समान काम-समान वेतन, 1320 MW बिजली खरीद को मिली मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को देहरादून में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने, उपनल कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से समान काम के लिए समान वेतन देने, 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने, शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने और अग्निवीरों के लिए समर्पित रोजगार प्रकोष्ठ बनाने समेत कई अहम फैसले लिए।
उपनल कर्मियों को मिलेगा समान काम के लिए समान वेतन
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में उपनल कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन देने का निर्णय शामिल है। सरकार इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी।
पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त उपनल कर्मियों को शामिल किया जा रहा है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त कर्मियों के मामलों में 9 नवंबर 2026 से प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 के बीच नियुक्त कर्मियों के लिए यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही 1 जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत और वर्तमान में सेवा दे रहे उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। स्वीकृत पदों से अधिक संख्या में कार्यरत कर्मियों के समायोजन के लिए भी व्यवस्था तैयार की जाएगी।
अडानी पावर से 1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
राज्य में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और बेस-लोड बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने अडानी पावर से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने को मंजूरी दी है।
बिजली की खरीद 25 वर्षों के लिए की जाएगी। इसके लिए कुल टैरिफ 5.746 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। कैबिनेट ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) को बिजली आपूर्ति समझौता करने तथा इसके लिए आवश्यक नियामकीय मंजूरियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया है।
उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने का फैसला किया है। सरकार के अनुसार नई नीति के माध्यम से राज्य की सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा।
नीति में रोजगार सृजन, महिलाओं और युवाओं का सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन, कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास तथा पलायन से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया है।
मेडिकल सप्लाई के लिए बनेगा उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी है। इसके माध्यम से दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, चिकित्सा उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज की कुल 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए 99 वर्ष की लीज पर देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यहां बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को मिलेंगे 116 आवास
देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित लाभार्थियों के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने काठबंगला में निर्मित 116 आवास चयनित परिवारों को आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
सरकार का उद्देश्य नदी किनारे बसी मलिन बस्तियों का व्यवस्थित तरीके से विस्थापन कर लोगों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
पैतृक गांवों में स्थापित होंगी शहीद सैनिकों की मूर्तियां
राज्य के शहीद सैनिकों के सम्मान में उनकी मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया है। सरकार का मानना है कि इससे शहीदों की वीरता और बलिदान की स्मृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी।
अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
सेना में सेवा पूरी करने के बाद सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य स्तर पर समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके संचालन के लिए संविदा के आधार पर 6 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
इनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद शामिल है। प्रकोष्ठ का उद्देश्य सेवामुक्त अग्निवीरों को रोजगार, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायता प्रदान करना होगा।
सरकारी कर्मचारियों की वेतन मैट्रिक्स में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियम-2016 की वेतन मैट्रिक्स में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत लेवल-13 क के बाद वर्तमान लेवल-15 और लेवल-16 के स्थान पर क्रमशः लेवल-14 और लेवल-15 किए जाने का निर्णय लिया गया है।
कई नियमावलियों में संशोधन को मंजूरी
बैठक में लोकायुक्त खोजबीन समिति की नियमावली, आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया नियमावली और कारागार सेवा नियमावली में संशोधन समेत कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 से जुड़े प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।
कुल मिलाकर मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में कर्मचारियों के वेतन, ऊर्जा सुरक्षा, सहकारिता, स्वास्थ्य सेवाओं, शहीद सैनिकों के सम्मान, अग्निवीरों के रोजगार और शहरी आवास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।










