ब्रेकिंग न्यूज़
हल्द्वानी में चोरी का खुलासा: घर का ताला तोड़कर मोटर और बिजली का सामान चुराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, दो किशोर भी पकड़े गएमुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना का हल्द्वानी में शुभारंभ, 121 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखमआपदा प्रभावित गांवों का दौरा कर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सुनी जनसमस्याएं, क्षतिग्रस्त सड़कों, पेयजल लाइनों और नहरों के पुनर्निर्माण के दिए निर्देशदेवभूमि उद्यमिता योजना से विद्यार्थियों को मिला स्वरोजगार का मंत्र, कोटाबाग महाविद्यालय में अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजितकुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. एस.एस. सामंत को मिली NASI सीनियर साइंटिस्ट फेलोशिप, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में संभाला नया दायित्व
खबर शेयर करे -

उत्तरकाशी। हर्षिल घाटी में तीन जगह बादल फटने के बाद धराली व हर्षिल से भयावह तस्वीर सामने आई है। यहां हर्षिल व धराली के बीच अस्थाई झील बन गई है, जिससे भागीरथी नदी का प्रवाह थम सा गया है।

इस कारण नदी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने भी नदी के आसपास खतरे वाले स्थानों पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

बता दें कि नदी व नालों में बादल फटने के बाद बड़ी मात्रा में आने वाले मलबे से नदियों का प्रवाह अवरुद्ध होने का खतरा होता है। बीते 28 जून को यमुनाघाटी के सिलाई बैंड क्षेत्र में बादल फटने सहित कुपड़ा गाड अतिवृष्टि के कारण उफान पर आ गई आई थी।

कुपड़ा गाड में आए मलबे के चलते यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने से स्यानाचट्टी में झील बन गई थी, जिसके चलते कई होटल व आवासीय भवनों की निचली मंजिल में पानी घुस गया था। वर्तमान में वहां पर नदी के चैनलाइजेशन का काम चल रहा है।

अब गंगाघाटी की हर्षिल घाटी में तीन जगह बादल फटने से भागीरथी नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने से झील बनने की तस्वीरें सामने आई है। इस झील के कारण हर्षिल का हेलीपैड में भी मलबे व पानी से जलमग्न हो चुका है। वहीं, नदी का जलस्तर बढ़ने से लगातार निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

ढाई घंटे के अंतराल में फटे तीन बादल

जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अनुसार, मंगलवार को उत्तरकाशी में ढाई घंटे के अंतराल में तीन बादल फटने की घटनाएं हुई, इसके चलते जहां धराली में भारी नुकसान हुआ।

वहीं, हर्षिल व गंगनानी के मध्य निकट सुक्की टाप व आर्मी कैंप हर्षिल में भी आपदा जैसे हालात उत्पन्न हो गए। जलशक्ति मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बादल फटने की पहली घटना दोपहर एक बजे घटी, जिसके चलते खीरगंगा नदी में मलबा व पानी के साथ बाढ़ आ गई।

इससे 15 आवासीय घर तबाह हो गए, जबकि 6 से 7 दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। दर्जनों की संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। बादल फटने की दूसरी घटना हर्षिल व गंगनानी के बीच सुक्की टाप के निकट तीन बजे घटी, जिसमें जानमाल के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

इसके बाद तीसरे घटना साढ़ूे तीन बजे शाम को घटी, जो कि हर्षिल आर्मी कैंप के निकट तेल गाड़ में हुई। इससे बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। भागीरथी नदी का प्रवाह रुकने से बनी झील के कारण हर्षिल हेलीपैड जलमग्न हो गया।

यह भी पढ़ें :  ओखलकांडा के ढोलीगांव में बहुउद्देशीय शिविर, 68 में से 57 शिकायतों का मौके पर निस्तारण; 424 लोगों को मिला लाभ

You missed

error: Content is protected !!