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राजस्व न्यायालयों की अनियमितताओं पर बार एसोसिएशन सख्त, आयुक्त को पत्र; 11 फरवरी को कार्य बहिष्कार, 23 से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

नैनीताल। नैनीताल जिले के राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से व्याप्त अनियमितताओं के समाधान की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन नैनीताल ने कुमाऊं मंडल के आयुक्त को पत्र भेजते हुए कड़ा रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों और धरना प्रदर्शन के बावजूद यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि 9 जनवरी और 22 जनवरी 2026 को लिखित शिकायतें देने तथा 27 जनवरी 2026 को सांकेतिक धरना प्रदर्शन किए जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रुवाली ने बताया कि 27 जनवरी को जिला अधिकारी कार्यालय के समक्ष हुए धरना प्रदर्शन के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसी के चलते अधिवक्ताओं ने पहले ही 11 फरवरी 2026 को जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन और पूर्ण कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है। पत्र में अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों के बैठने के समय की अनिश्चितता, अधिवक्ताओं के साथ असम्मानजनक व्यवहार, समन और आदेशों की समय पर तामील न होना, अकृषक और दाखिल-खारिज मामलों में रिपोर्ट में देरी, गैर विधिक एवं विभागीय व्यक्तियों का हस्तक्षेप, वादों की पत्रावलियों में अनियमितताएं तथा नकल अनुभाग की अनुपस्थिति जैसी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

बार एसोसिएशन का कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण आम जनता को अनावश्यक समय और धन खर्च करना पड़ रहा है, जिससे राजस्व न्यायालयों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार कम हो रहा है।

स्थिति यह बन गई है कि लोग अपने काम कराने के लिए गैर विधिक व्यक्तियों की शरण लेने को मजबूर हैं, जिसका सीधा लाभ दबंग और धनाढ्य वर्ग उठा रहा है।

पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन के बाद भी नैनीताल, हल्द्वानी और रामनगर की बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधिमंडल को ठोस लिखित आश्वासन नहीं दिया गया, तो 23 फरवरी 2026 से अन्य जिलों की बार एसोसिएशनों को साथ लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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