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चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा घुसने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। वहीं, दो मजदूर अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।

शनिवार को रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से एक और शव बरामद किया, जिसके बाद मृतकों की संख्या आठ हो गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन.के. जोशी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 7 बजे तीन किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से कुल 22 श्रमिक अंदर फंस गए थे।

घटना के बाद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया।
चमोली के अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि शनिवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान एक और शव बरामद किया गया। अभी भी दो मजदूर लापता हैं, जिनकी खोज के लिए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
सक्शन पंपों से निकाला जा रहा पानी
अधिकारियों के मुताबिक, टनल में भरे पानी को तेजी से बाहर निकालने के लिए उच्च क्षमता वाले सक्शन पंप लगाए गए हैं। पानी का स्तर कम होने से रेस्क्यू टीमों को अंदर जाने और संभावित स्थानों तक पहुंचने में मदद मिल रही है। बचाव दल हर उस क्षेत्र की गहन तलाशी ले रहा है, जहां लापता मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।
लापता मजदूरों की तलाश सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि दोनों लापता श्रमिकों की खोज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि टनल के भीतर सभी संभावित स्थानों पर सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू टीम पूरी मुस्तैदी और समर्पण के साथ काम कर रही है तथा लापता मजदूरों तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को पीपलकोटी पहुंचे और घटनास्थल पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने तथा लापता मजदूरों को जल्द से जल्द खोज निकालने के निर्देश दिए।
सिलक्यारा सुरंग हादसे की यादें हुईं ताजा
चमोली की यह घटना नवंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में हुए हादसे की यादें भी ताजा कर रही है। उस हादसे में सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 41 मजदूर अंदर फंस गए थे।

उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 17 दिनों तक देश के सबसे चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियानों में से एक चलाया गया था। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से 28 नवंबर 2023 को सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। उस सफल अभियान ने पूरे देश को राहत और खुशी दी थी।
फिलहाल चमोली टनल हादसे में लापता दो मजदूरों की तलाश जारी है और पूरे प्रदेश की नजरें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हुई हैं।

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