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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर और उधमसिंह नगर जिलों के लिए 16 अगस्त को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार इन पांच जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और अत्यंत तीव्र वर्षा की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर बादलों के तेजी से विकसित होने के कारण कुछ ही घंटों में मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

विभाग के अनुसार राज्य के अन्य जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में भी कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान गिरने, नालों और गधेरों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। वहीं तराई और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव तथा यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

देहरादून में तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम

राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में 16 से 18 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना है। 16 अगस्त को कई इलाकों में तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। 17 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 18 अगस्त को भी भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।

लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वहीं मसूरी, सहस्रधारा और पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन तथा बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा।

मौसम विभाग ने नागरिकों, पर्यटकों और चारधाम यात्रा मार्गों पर आवाजाही करने वाले यात्रियों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आगामी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

नैनीताल, हल्द्वानी और उधमसिंह नगर में आफत की बारिश की आशंका

कुमाऊं मंडल के प्रमुख जिलों नैनीताल और उधमसिंह नगर में 16 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है. नैनीताल के पहाड़ी इलाकों में जहां भूस्खलन और दृश्यता कम होने की चेतावनी है, वहीं मैदानी और तराई क्षेत्र उधमसिंह नगर, रुद्रपुर, काशीपुर व खटीमा में लगातार बारिश से जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है. उधमसिंह नगर में तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है. इसके अलावा 19 अगस्त को भी नैनीताल जिले में फिर से भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है.

चम्पावत और बागेश्वर जिलों में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का खतरा

कुमाऊं के संवेदनशील पहाड़ी जिलों चम्पावत और बागेश्वर में 16 अगस्त को अत्यंत तीव्र बारिश का दौर चलेगा. इन दोनों ही सीमांत और दुर्गम जिलों में बादलों के गरजने के साथ आकाशीय बिजली चमकने की तीव्र घटनाएं हो सकती हैं. पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी खिसकने और मुख्य संपर्क मार्गों के अवरुद्ध होने की संभावना को देखते हुए स्थानीय आपदा प्रबंधन इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इसके अलावा बागेश्वर में 18 और 19 अगस्त को भी भारी बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहने का पूर्वानुमान है.

पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार में 17 और 18 अगस्त को बढ़ेगा बारिश का जोर

गढ़वाल मंडल के पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों में 17 अगस्त को मौसम बेहद आक्रामक रुख अपना सकता है. मौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त को पौड़ी और टिहरी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने और आकाशीय बिजली के साथ अत्यंत तीव्र दौर चलने की संभावना है. वहीं हरिद्वार में 18 और 19 अगस्त को गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. टिहरी झील के आसपास और श्रीनगर-पौड़ी राजमार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चारधाम यात्रा रूट का हाल
चारधाम यात्रा से जुड़े प्रमुख जनपदों उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में 18 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है. 16 और 17 अगस्त को भी इन जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का दौर चलेगा, लेकिन 18 अगस्त को बारिश की तीव्रता में भारी इजाफा होगा. गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले तीर्थयात्रियों को स्थानीय मौसम की अपडेट देखकर ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाने की हिदायत दी गई है, क्योंकि तीव्र बारिश से मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका रहती है.

21 अगस्त तक पूरे प्रदेश में सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के छह दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में बारिश की यह सक्रियता केवल एक या दो दिन तक सीमित नहीं रहेगी. 16, 17 और 18 अगस्त को राज्य भर में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है. वहीं 19, 20 और 21 अगस्त को भी राज्य के अनेक स्थानों पर निरंतर बौछारें और मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी. पर्वतीय जिलों में बिजली चमकने और तीव्र दौर चलने का सिलसिला बना रहेगा. आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मशीनरी और राहत दलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।

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