हरिद्वार में बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
इससे पहले पुलिस ने परीक्षार्थी की जगह हिंदी का पेपर दे रहे सात आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जबकि एक आरोपी फरार हो गया था। मामले में प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र द्विवेदी की तहरीर पर कोतवाली रानीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने फर्जी प्रवेश पत्र तैयार कर परीक्षा दिलाने वाले मुख्य आरोपी की पहचान चंगेज अंसारी निवासी ज्वालापुर के रूप में की। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को अल मौरीद हाईस्कूल ज्वालापुर का प्रिंसिपल बताता था और द सक्सेज प्वॉइंट नाम से ऑनलाइन कोचिंग ग्रुप भी चलाता था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने ट्यूशन के नाम पर एक छात्रा के परिजनों से मोटी रकम ली। इसके बाद दूसरी छात्रा की फोटो लगाकर फर्जी प्रवेश पत्र तैयार कराया गया और उसी के आधार पर वास्तविक परीक्षार्थी की जगह दूसरी छात्रा को परीक्षा दिलाई गई।
पुलिस ने आरोपी को धोखाधड़ी, कूटरचना और सार्वजनिक परीक्षा में प्रतिरूपण कराने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इस पूरे प्रकरण में सावित्री शिक्षा सदन रावली महदूद की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

