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आज लगने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर एरीज के वैज्ञानिक उत्साहित

रिपोर्टर गुडडू सिंह ठठोला 

नैनीताल। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज 3 मार्च को लग रहा है। हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, वहीं वैज्ञानिक रूप से यह एक खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा हल्के लाल या तांबे रंग का दिखाई देता है।

एरीज (एआरआईईएस) के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से प्रारंभ होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। भारत के अधिकांश हिस्सों से आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, जबकि पश्चिमी भारत में प्रच्छाया चंद्र ग्रहण की झलक देखने को मिलेगी। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण चंद्र ग्रहण का दृश्य दिखाई देगा।

एरीज में इस अवसर पर चंद्र ग्रहण का सीधा प्रसारण किया जाएगा। साथ ही आम लोगों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि वे संस्थान पहुंचकर सुरक्षित तरीके से ग्रहण का अवलोकन कर सकें।

डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि चंद्र ग्रहण से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि ग्रहण के दौरान भोजन न करने, बाहर न निकलने या गर्भवती महिलाओं के ग्रहण न देखने जैसी मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह पूरी तरह सुरक्षित खगोलीय घटना है।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि नैनीताल से ग्रहण दिखाई देता है, तो अधिक से अधिक लोग एरीज पहुंचकर इस खगोलीय घटना का आनंद लें।

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