ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

देहरादून/हल्द्वानी। बढ़ती महंगाई के बीच उत्तराखंड की जनता को 1 अप्रैल से एक और बड़ा झटका लग सकता है। राज्य में बिजली और पानी दोनों की दरों में बढ़ोतरी की तैयारी पूरी हो चुकी है।

पानी की दरों में औसतन 15 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। घरेलू पेयजल उपभोक्ताओं के बिल में 9 से 11 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि कमर्शियल उपभोक्ताओं को 15 प्रतिशत से अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। इस बढ़ोतरी के बाद प्रति तिमाही पानी का बिल करीब 150 से 200 रुपये तक बढ़ने के आसार हैं।

राज्य में लगभग 10 लाख पानी उपभोक्ता हैं, जिनमें राजधानी देहरादून में ही करीब 2.30 लाख कंज्यूमर्स शामिल हैं। जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी दरों में वृद्धि की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।

वहीं, बिजली दरों में भी भारी बढ़ोतरी की संभावना है। ऊर्जा निगमों ने औसतन 18.50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) को भेजा है। इस प्रस्ताव पर जनसुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और अब नए वित्तीय वर्ष से पहले दरों की घोषणा का इंतजार है।

राज्य में करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिन पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा। पिछले साल भी बिजली दरों में तीन बार इजाफा किया गया था, जिसमें अंतिम बढ़ोतरी औसतन 5.62 प्रतिशत रही थी।

यूईआरसी ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के विभिन्न शहरों में जनसुनवाई कर उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए हैं।

ऊर्जा निगमों की ओर से जहां 16.23 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है, वहीं पिटकुल ने करीब 3 प्रतिशत और यूजेवीएनएल ने माइनस 1.2 प्रतिशत का टैरिफ प्रस्ताव दिया है।

अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आयोग की अंतिम मुहर लगना बाकी है। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है तो 1 अप्रैल से प्रदेश में बिजली और पानी दोनों महंगे हो जाएंगे, जिससे आम जनता के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कूटी फिसलने से सड़क पर गिरा किशोर, सामने से आई बाइक ने सिर कुचला, मौत

You missed

error: Content is protected !!