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ओखलकांडा के ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से आहत होकर लोहाखाम ताल के सौंदरीकरण व महिलाओं की सुविधाओं के बड़ा कदम उठाया है।

उन्होंने महिलाओं की सुविधा के लिए जनसहयोग से लोहाखाम ताल में  महिला टॉयलेट व चेंजिंग रूम बनवाए।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लोहाखाम व हरीश ताल  की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है।

ग्रामीणों ने कहा कि पर्यटन विभाग यदि लोहाखाम व हरीश ताल की सौंदर्य करण के लिए आगे आए तो यह पर्यटन सीजन में नैनीताल में बढ़ते पर्यटकों की दबाव को अपनी ओर आकर्षित  कर सकता है।

भीमताल। लोहाखाम ताल में एक युवा ने सिस्टम को आईना दिखाते हुए मिसाल कायम की है। ओखलकांडा के लवाड़ डोबा निवासी मनोज मटियाली ने भक्तों और ग्रामीणों के सहयोग से महिलाओं के लिए टॉयलेट और चेंजिंग रूम का निर्माण कराया है।

कुंड स्नान के दौरान महिलाओं को होने वाली भारी असुविधा को देखते हुए मनोज ने सोशल मीडिया के जरिए चंदा जुटाया और अपने साथियों के साथ मिलकर यह पहल शुरू की। खास बात यह है कि इस पूरे निर्माण कार्य में किसी भी तरह की सरकारी मदद नहीं ली गई, बल्कि यह पूरी तरह जनसहयोग और युवाओं की मेहनत से तैयार हुआ है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को खुले में कपड़े बदलने की शर्मिंदगी से निजात दिलाना और उन्हें सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही, इससे क्षेत्र में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।

मनोज मटियाली का कहना है कि क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहरें लोहाखाम ताल और हरिश ताल उचित संरक्षण के अभाव में धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का इंतजार करते-करते साल बीत गए, लेकिन अब समय आ गया है कि ग्रामीण खुद आगे आकर अपने क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी उठाएं।

मनोज की इस पहल से यह संदेश साफ है कि अगर जज्बा हो, तो बिना सरकारी मदद के भी बड़े बदलाव संभव हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि इस प्रयास को देखकर जनप्रतिनिधि और प्रशासन भी जागेंगे और क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

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