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चंपावत में विकास की रफ्तार तेज, CM धामी ने करोड़ों की परियोजनाओं का किया शिलान्यास, बोले- जनता का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति

टनकपुर (चंपावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को चंपावत जिले के टनकपुर स्थित बूमघाट में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 60.21 करोड़ रुपये की लागत से बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा (तटबंध) निर्माण कार्य तथा 2.74 करोड़ रुपये की लागत से पूर्णागिरी तहसील के ग्राम छीनीगोठ में हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शारदा नदी पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा तटबंध केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम आने पर यहां की जनता का स्नेह उन्हें अपने परिवार जैसा अपनापन देता है और चंपावत की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार करीब 3,300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से इस क्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। इसके तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की बेटियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला खेल महाविद्यालय तथा 58.52 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विज्ञान केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा टनकपुर में 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी और करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक और पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़े के तहत लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी लेने के साथ उन्होंने अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

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