नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में शोध विकास सेल द्वारा वर्ष 2024 के श्रेष्ठ शोधार्थियों के सम्मान हेतु एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति कर्नल प्रोफेसर दिवान एस रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शोध कार्य व्यक्ति को निरंतर नवाचार की प्रेरणा देता है और समाज व विश्व की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि शीघ्र ही वर्ष 2026 के लिए इंटरनल शोध ग्रंथ हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में शोध निदेशक प्रोफेसर नंद गोपाल साहू ने सभी का स्वागत किया, जबकि डीएसबी परिसर की निदेशक डॉ. नीता बोरा ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। संचालन डॉ. ललित तिवारी ने करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
पुरस्कार वितरण के अंतर्गत राइजिंग स्कॉलर अवार्ड (पीजी एवं यूजी) वर्षा बिष्ट, दीक्षा जौहरी, गुरसाहिबा कौर, नीमा बिष्ट और कार्तिक ओमना कुट्टन को प्रदान किया गया।
आउटस्टैंडिंग रिसर्च अवार्ड (फैकल्टी) में डॉ. महेश चंद्र आर्य को प्रथम, डॉ. तपन कुमार नैलवाल को द्वितीय तथा डॉ. कल्पना अग्रहरि को सम्मानित किया गया। यंग फैकल्टी आउटस्टैंडिंग रिसर्च अवार्ड डॉ. पेनी जोशी, डॉ. नंदन सिंह मेहरा और डॉ. अशोक उप्रेती को मिला।
पीएचडी स्तर पर रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड दिव्या महर, कमल गढ़वाल और नीतीश सेमवाल को प्रदान किया गया।
विभागवार पुरस्कारों में राकेश चंद्र जोशी (फिजिक्स), दीक्षा भट्ट (रसायन), भावना चौबे (गणित) और मनजीत सिंह (विजुअल आर्ट्स) शामिल रहे। वहीं आउटस्टैंडिंग मेंटोर के रूप में डॉ. सुरेंद्र सिंह बरगली, डॉ. मनोज आर्य और डॉ. किरण बरगली को सम्मानित किया गया। कुल 18 शोधार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर प्रोफेसर रावत को शॉल ओढ़ाकर व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रोफेसर नंद गोपाल साहू को नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज के फेलो बनने पर भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन कुलगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम में डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. गीता तिवारी, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. हिमांशु लोहनी, डॉ. दिव्या पांगती सहित अनेक शोध छात्र उपस्थित रहे।

