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दिल्ली। मयूर विहार में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए अपनी पहचान बना चुकी कुर्मीचल जन कल्याण एवं सांस्कृतिक समिति इस वर्ष अपने स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती वर्ष मना रही है।

इस विशेष अवसर पर समिति द्वारा वर्षभर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है।

समिति के संगठन सचिव और क्षेत्र के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति वर्ष 2001 से लगातार अखंड रामायण का आयोजन करती आ रही है। इसके अलावा वर्ष 2015 से रामलीला मंचन की परंपरा भी निरंतर जारी है, जो हर वर्ष क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती है।

उन्होंने बताया कि समिति समय-समय पर सुंदरकांड पाठ, नंदा देवी कलश यात्रा, क्रिकेट और वॉलीबॉल टूर्नामेंट जैसे विविध कार्यक्रमों का सफल आयोजन करती रही है। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल लोगों को जोड़ने का कार्य किया जाता है, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी सहेजने का प्रयास किया जाता है।

महेंद्र रावत ने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति और लोक परंपराओं को देशभर में पहचान दिलाना है। इसके लिए स्थानीय और प्रतिष्ठित कलाकारों को मंच प्रदान किया जाता है, जिससे कार्यक्रमों की गुणवत्ता और भव्यता दोनों बनी रहती है।

उन्होंने समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों से सभी आयोजनों को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई। साथ ही आम जनता से भी अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन कार्यक्रमों में भाग लें और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।

समिति का यह रजत जयंती वर्ष जहां अब तक की उपलब्धियों का उत्सव है, वहीं भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है।

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