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अल्मोड़ा। एक बार फिर इंटरनेट मीडिया पर वायरल पोस्टों ने सनसनी फैला दी है। इस बार मामला रानीखेत के विधायक प्रमोद नैनवाल से जुड़ा है, जिन्होंने अपने भाई सतीश नैनवाल की असामयिक मौत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

विधायक का कहना है कि उनके भाई की मृत्यु से ठीक पहले इंटरनेट मीडिया पर डाली गई आपत्तिजनक और संदिग्ध पोस्टें किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने इस मामले में भतरौंजखान थाने में तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रमोद नैनवाल ने अपनी शिकायत में सुरेंद्र सिंह रावत, महेंद्र सिंह रावत, अनुज जोशी और वीर सिंह सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए हैं। उनका आरोप है कि इन व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई कुछ पोस्ट उनके भाई की मृत्यु से पहले की हैं, जिनकी भाषा और आशय बेहद आपत्तिजनक हैं।

विधायक के अनुसार, इन पोस्टों के जरिए उनके भाई पर मानसिक दबाव बनाया गया और उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पोस्ट के कुछ समय बाद ही उनके भाई की मृत्यु होना संदेह को और गहरा करता है।

प्रमोद नैनवाल ने आशंका जताई है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई षड्यंत्र या आपराधिक साजिश हो सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोग उनके खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणियां कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकियां भी दी गई हैं। विधायक ने स्पष्ट कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी नामजद लोगों की होगी।

मामले में पुलिस ने बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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