कालाढूंगी में अभिभावकों से किताबों और स्कूल ड्रेस के नाम पर अधिक वसूली की शिकायतों पर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर गुरुवार को उपजिलाधिकारी बिपिन चंद्र पंत के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के बुक सेलरों और विद्यालयों में निरीक्षण अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान अजंता बुक डिपो में एनसीईआरटी की किताबें तो पाई गईं, लेकिन स्कूल ड्रेस बिना मोनोग्राम के मिली। वहीं भंडारी बुक डिपो और आनंद बुक डिपो पर स्कूलों के मोनोग्राम वाली ड्रेस बिक्री के लिए रखी मिली।
सुमसन क्लॉथ हाउस में पांच निजी स्कूलों की मोनोग्राम युक्त ड्रेस बिकती पाई गई, लेकिन दुकानदार कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही ड्रेस पर निर्धारित मूल्य भी अंकित नहीं था, जो नियमों का उल्लंघन है।
टीम ने बंदोबस्ती क्षेत्र स्थित कैमरेड्री पब्लिक स्कूल का भी निरीक्षण किया, जहां केवल एनसीईआरटी की किताबें ही पाई गईं और कोई अनियमितता सामने नहीं आई।
उपजिलाधिकारी बिपिन चंद्र पंत ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और यदि किसी अभिभावक से शिकायत मिलती है तो संबंधित बुक सेलर या विद्यालय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान थाना प्रभारी अरुण कुमार सैनी, शिक्षा विभाग से अशोक कुमार सिंह, पूजा सूठा, विदुषी रजवार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

