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किसानों की फसल बर्बाद! नैनीताल में बारिश-ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, 70% फसल हुई नष्ट

नैनीताल जिले में अप्रैल माह के बीच अचानक बदले मौसम ने किसानों पर भारी कहर बरपाया है। बुधवार सुबह हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।

मैदानी इलाकों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसलें और पहले से कटी हुई फसलें बारिश में भीगकर बर्बाद हो गईं। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने आड़ू, आलू और बेर जैसी फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। फलों पर पड़े दाग-धब्बों के कारण उनकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में उनकी कीमत भी घटने की आशंका है।

रिपोर्ट्स के अनुसार जिले में लगभग 19,000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की जाती है। अचानक आए इस मौसम बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि भीगी फसल के चलते कटाई का काम भी प्रभावित हो रहा है।

गौलापार, कालाढूंगी, हल्दूचौड़ और रामनगर क्षेत्रों में गेहूं की फसल को करीब 70 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है।

इसके अलावा, धारी, ओखलकांडा, भेड़ापानी और धनाचूली समेत पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि के कारण फलों की फसल को 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है।

किसानों का कहना है कि ओलों की मार से छोटे फलों पर गहरे निशान पड़ गए हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता खराब हो गई है और बाजार में अच्छे दाम मिलने की उम्मीद कम हो गई है।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए इस भारी नुकसान के बाद किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके।

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