ऊधम सिंह नगर। जसपुर विधानसभा क्षेत्र में मूर्ति स्थापना को लेकर शनिवार को जमकर बवाल हो गया। मौजूदा कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और भाजपा के पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल अपने-अपने समर्थकों के साथ आमने-सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक, गाली-गलौच और धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मामला जसपुर के ठाकुर मंदिर के पास मूर्ति स्थापना से जुड़ा है। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह करीब 10 बजे विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति लगाने के लिए टाइल्स हटाने लगे। इसी बीच स्थानीय लोगों की सूचना पर पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल भी मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल प्रशासन ने मूर्ति स्थापना का कार्य रुकवा दिया है और दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
क्या है विवाद की वजह?
विवाद इस बात को लेकर है कि उक्त स्थान पर किसकी मूर्ति स्थापित की जाए। विधायक आदेश चौहान का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति लगाने की मांग थी और इसके लिए प्रशासन को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। उनका आरोप है कि कुछ लोग पार्किंग के लिए जगह बचाने के नाम पर इसका विरोध कर रहे हैं।
वहीं पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल का कहना है कि स्थानीय लोगों की मांग महाराज अग्रसेन की मूर्ति लगाने की है और इस संबंध में जिलाधिकारी को आवेदन भी दिया गया है, जिस पर अभी निर्णय लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना प्रशासनिक अनुमति के जबरन निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा था, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया।
दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों से बातचीत कर ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

