ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

रामनगर (मंगलौर)। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान एवं भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में “ट्रू वैल्यू अकाउंटिंग: मेकिंग द इकोनॉमिक केस फॉर ट्रांसफॉर्मेशन इन इंडिया” (टीईईबी एग्रीफूड) प्रोजेक्ट के अंतर्गत 30 अप्रैल 2026 को एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम रामनगर (मंगलौर) में आयोजित हुआ, जिसमें साइट चयन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। संवाद सत्र में झबरेड़ा, सुसाड़ा, टिकोला कलां, शेरपुर, लेखनहेटा, तसीपुर और रुड़की सहित आसपास के क्षेत्रों से लगभग 40 किसानों समेत कुल 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में आईआईएफएसआर के वैज्ञानिक डॉ. राघवेन्द्र के. जे. ने टीईईबी एग्रीफूड प्रोजेक्ट के आगामी चरणों की जानकारी देते हुए बताया कि साइट चयन में मृदा स्वास्थ्य, जल संसाधन और स्थानीय कृषि प्रणालियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

वहीं आईआईएसडब्ल्यूसी के वैज्ञानिक डॉ. रमनजीत सिंह और डॉ. अभिमन्यु ने तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन से न केवल उत्पादन लागत कम होती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है।

इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ उनकी मौजूदा कृषि पद्धतियों पर संवाद किया, जिससे “मल्टीपल कैपिटल अप्रोच” के तहत पारंपरिक, जैविक और एग्रोफॉरेस्ट्री प्रणालियों का तुलनात्मक अध्ययन किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में किसानों में वैज्ञानिक खेती और मृदा संरक्षण को लेकर नई जागरूकता देखने को मिली।

यह भी पढ़ें :  देहरादून में युवक की हत्या के बाद भड़का बवाल, सांप्रदायिक तनाव; भारी पुलिस बल तैनात,आक्रोशित भीड़ ने की आगजनी और पथराव,कई घरों को फूंका, इंटरनेट बंद, 25 पर FIR
error: Content is protected !!