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अल्मोड़ा में ISBT (अंतरराज्यीय बस अड्डा) निर्माण की मांग को लेकर प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन से पहले प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए राष्ट्रीय सेवा संघ के शीर्ष नेतृत्व और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को क्वारब पुल के पास रोका गया, जिसके बाद उन्हें रानीखेत ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार, संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमांशु जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद स्थल, अल्मोड़ा में प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। इस दौरान धर्माचार्य प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी विवेकानंद सरस्वती, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष पाठक, प्रदेश महासचिव भारतेंदु पाठक और कुमाऊं मंडल अध्यक्ष तरुण मेहरा सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदर्शन स्थल से करीब 10 किलोमीटर पहले भारी पुलिस बल तैनात कर सभी को रोक लिया गया। मौके पर एसडीएम संजय कुमार और सीओ बलवंत रावत से संगठन की वार्ता भी हुई, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।

संगठन का कहना है कि अल्मोड़ा के ‘करबला’ क्षेत्र में करीब 450 नाली भूमि पर ISBT बनाया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इस भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं। RTI के जरिए मिली जानकारी का हवाला देते हुए संगठन का दावा है कि वहां केवल नमाज चबूतरा और कब्रिस्तान का ही उल्लेख है, पक्की मस्जिद का कोई वैध रिकॉर्ड नहीं है।

संगठन ने बताया कि इस संबंध में करीब दो महीने पहले जिलाधिकारी अंशुल सिंह को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

राष्ट्रीय सेवा संघ का आरोप है कि जब उन्होंने जन-आंदोलन का ऐलान किया, तभी प्रशासन ने जल्दबाजी में अवैध निर्माण हटाने का दावा किया। संगठन ने इसे प्रशासन की “ढिलाई और आंदोलन को दबाने की कोशिश” बताया है।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक करबला की जमीन का उपयोग जनहित में ISBT निर्माण के लिए सुनिश्चित नहीं होता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही प्रशासन से पारदर्शिता और स्पष्ट कार्रवाई की मांग की गई है।

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