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डी.एस.बी. परिसर में ‘टोबा टेक सिंह’ का सशक्त मंचन, दर्शक भाव-विभोर

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डी.एस.बी. परिसर के ए.एन. सिंह हॉल में अंग्रेज़ी विभाग के सीसीए क्लब द्वारा प्रसिद्ध कहानी टोबा टेक सिंह पर आधारित नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, जबकि संचालन डॉ. दीपिका पंत ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. अल. एम. जोशी के स्वागत उद्बोधन से हुई। इसके बाद एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा गुंजिता पंत ने भावपूर्ण काव्य पाठ प्रस्तुत कर माहौल को संवेदनशील बना दिया।

प्रसिद्ध साहित्यकार सआदत हसन मंटो की चर्चित कहानी ‘टोबा टेक सिंह’ का रूपांतरण भी गुंजिता पंत द्वारा किया गया, जिसमें भारत-विभाजन की त्रासदी, विस्थापन की पीड़ा और पहचान के संकट को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के सशक्त अभिनय, सटीक मंच सज्जा और प्रभावी निर्देशन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ज़हूर आलम मौजूद रहे, जिन्हें रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2023 का संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिल चुका है। वे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सहित कई सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़े रहे हैं।

विशिष्ट अतिथियों में मिथिलेश पांडेय और अमिताभ बघेल की उपस्थिति भी रही, जिन्होंने युवाओं में सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

नाटक में हर्षवर्धन पंत (बिशन सिंह), सुहानी जोशी (मंटो) सहित कई विद्यार्थियों ने शानदार अभिनय किया। मंच सज्जा, कोरस और मेकअप टीम का योगदान भी सराहनीय रहा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

यह नाट्य प्रस्तुति केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि इतिहास और मानवीय संवेदनाओं को समझने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी, जिसने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

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